राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

पत्नी की मौत के बाद संपत्ति के लालच में 3 लोगों ने मिलकर एक वृद्ध को अगवा करके जंगल में ले जाकर उसके साथ मारपीट की और गले पर पैर रखकर सोने चांदी के जेवरात और नकदी रुपए की मांग की और डराया धमकाया और लाखों रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना गौरझामर थाना क्षेत्र के ग्राम नयानगर में घटित हुई है। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट करने आए फरियादी और उसके परिजन की रिपोर्ट नहीं लिखी उसके बाद शुक्रवार को फरियादी बाबूलाल पिता लक्ष्मण सिंह राजपूत 80 वर्ष ने पुलिस अधीक्षक सागर के नाम एसडीओपी देवरी पूजा शर्मा को आवेदन दिया है, जिसमें उनके साथ हुई लूट की वारदात करने वाले आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की है। फरियादी बाबूलाल पिता लक्ष्मण सिंह 80 साल के वृद्ध ने बताया कि कैलाश पिता नारायण सिंह राजपूत ग्राम विलोनी थाना करेली जिला नरसिंहपुर, चंद्रभान पिता शंकर सिंह राजपूत नया नगर एवं गुड्डू पंडा और सरवन सिंह राजपूत पिता रतन सिंह राजपूत निवासी घोसी पट्टी ने मिलकर दिनदहाड़े एक कार में वृद्ध बाबूलाल को सियरमऊ इलाज कराने के बहाने कार में बिठा कर टडा के पास झिरिया खेड़ा के जंगल में ले जाकर उनके साथ मारपीट की और उनके गले पर पैर रखकर सोने चांदी के जेवरात और नकदी रुपए मांगे और धमकाया की पैसे नहीं दोगे तो जान से मार कर जंगल में फेंक देंगे। बार-बार धमकाने के बाद वृद्ध बाबूलाल गिड़गिड़ाए और कहा कि तुम्हें सोने चांदी और नगदी रुपए दे देंगे लेकिन मुझे जान से मत मारो इसके बाद तीनों आरोपी कार से नया नगर घर आए और वृद्ध पर दबाव बनाकर जमीन विक्रय की 45 लाख रुपए नगद राशि एवं उनकी पत्नी के जेवरात जिसमें करीब 5 किलो चांदी के जेवरात एवं करीब 10 तोले से ज्यादा वजन के सोने के जेवरात एवं जमीन के दस्तावेज मंदिर के दस्तावेज और एक लोहे की पेटी लूटकर ले गए। उन्होंने बताया कि जब झिरिया खेड़ा के जंगल में तीनो लोग ले गए थे उस समय चौकीदार मुवीन एवं राजाराम आदिवासी ने घटना देखकर बीच-बचाव किया था और आरोपियों को समझाइश देकर भगाया था। वृद्ध बाबूलाल ने बताया कि उनकी पत्नी की 14 दिसंबर को अचानक मौत हो गई थी उसके बाद वह अकेला रहता था और दमा रोग से पीड़ित था चलने फिरने में असहाय हो गया था जिससे उनकी कमजोरी का फायदा उठाते हुए उनके रिश्तेदार चंद्रभान, कैलाश और गुड्डू पंडा ने मिलकर उनकी सारी संपत्ति लूट ली है।
