राज्यपाल और अपने ही पार्टी प्रवक्ताओं के बयानों पर चुप रहने वाली भाजपा का पवार पर फूटा गुस्सा | New India Times

नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राज्यपाल और अपने ही पार्टी प्रवक्ताओं के बयानों पर चुप रहने वाली भाजपा का पवार पर फूटा गुस्सा | New India Times

संभाजी महाराज धर्मवीर नहीं थे, नेता प्रतिपक्ष अजित पवार के सदन में दिए इस बयान पर सदन के भीतर ही बहस करने के बजाये प्रदेश बीजेपी ने शीतसत्र समाप्त होने के बाद पवार के ख़िलाफ़ सड़कों पर बवाल काटना शुरू कर दिया। मंत्री गिरीश महाजन के गृहनगर जामनेर और जनपद जलगांव में पवार के मुखालफत में आवाज बुलंद किया गया। जामनेर मे बीजेपी ब्लॉक प्रमुख , सिटी इकाई के सभी नगरसेवक , नेता महेंद्र बाविस्कर ने पवार के पुतले पर अपनी भड़ास निकाली। मौके पर कई नए चेहरे भी देखे गए जिन्हें आनेवाले निगम चुनाव में बीजेपी की ओर से टिकट की अपेक्षा है।र पिछले ढाई साल उद्धव ठाकरे की सरकार रहते आंदोलनो और विरोध से दूर रहते बीजेपी कार्यकर्ताओ मे अब सरकार के रहते दिखता जोश देखते हि बनता है। अजित पवार के ख़िलाफ़ के इस आंदोलन को बीजेपी ने पूरे सूबे मे धार्मिक रंग देने की कोशिश तेज औकर दी है . भगवा पार्टी के प्रवक्ताओ को लेकर बीजेपी की चुप्पी से लोग नाराज – जैसे हि शिंदे सरकार पावर मे आई वैसे राज्यपाल और भाजपा के प्रवक्ताओ ने बहुजन समाज सुधारको और महान शख्सियतो को लेकर खुलेआम अनर्गल बयानबाजी की . ऐसे बयानवीरो के समर्थन मे आकर भाजपा के मंत्रियो ने अपने ज्ञान का पिटारा खोला दिया . पार्टी ने चुप्पी साध ली भाजपा के इस दोगलेपन के कारण जनता मे नाराजगी साफ देखी जा रही है। बहरहाल बहुजन साहित्य और संस्कृति के अभ्यासको के मुताबिक अजित पवार की कहि बात पूर्ण सत्य नही है . कई इतिहास संशोधको के मुताबिक संभाजी राजे स्वराज्य रक्षक एवं शाक्त पंथ मानने वाले थे . मामले पर NCP प्रमुख शरद पवार ने अपनी सामान्य प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

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