उमेश चन्द्र शाहू, प्रयागराज (यूपी), NIT:

एक तरफ जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पूरे प्रदेश में आवारा मवेशियों के लिए जगह जगह गौशालाओं का निर्माण करके उनके लिए समुचित व्यवस्था प्रदान की जा रही है वहीं दूसरी तरफ जनपद प्रयागराज अन्तर्गत ब्लाक कौडिहार में पीथीपुर स्थित गौशाला में घोर अनियमितता एवं लापरवाही करते हुए मवेशियों के लिए समुचित व्यवस्था प्रदान नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीण की शिकायत पर पत्रकारों द्वारा मौके पर जा देखने पर वहां हालत बद से बस्तर मिली जिसके उपरांत इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया एवं खबर को भी प्रकाशित किया गया।
उच्च अधिकारियों द्वारा पन्द्रह दिनों के उपरांत जांच भी कराया गया लेकिन जांच में हुई लीपापोती एवं खानापूर्ति करते हुए जांच अधिकारी द्वारा इस मामले को नज़र अंदाज़ किया गया!
लोगों का आरोप है कि जांच पड़ताल अधिकारी एवं उच्च अधिकारियों की शह पर गौशाला में हो रही अनियमित एवं लापरवाही साथ ही यहां हो रहे भ्रष्टाचार को नज़र अंदाज़ किया जा रहा है जिससे प्रधानपति खुद को बाहुबली समझकर आवारा मवेशियों की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। जनता के बीच में यह एक चर्चित विषय बन चुका है।
