सुहेल फ़ारूक़ी, वसई-विरार (महाराष्ट्र), NIT;
वसई-विरार शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। रात में तो इन आवारा कुत्तों के आतंक के कारण राहगीरों व रहवासियों का निकलना दुश्वार हो गया है।
नालासपरा पूर्व के वाकनपाडा के सभी जगहों पर कुत्तों से डेर का माहौल छाया रहता है। रात को लोगों का घर से बाहर निकलना मुसकिल हो गया है। बताया जा रहा है की शाम होते ही कुत्तों का झुण्ड निकल कर रोड पर आ जाता है और सुबह तक इनका शोर सराबा मचा रहता है। जिस्से लोगों की नीद हराम तो होती ही है बाकी दूध वाले और पांव बेचने वाले, सुबह में नमाज पढने वालों का चलना मुस्किल हो गया है। लोगों में डर का माहौल छाया रहता है।
सूत्रों के मुताबिक वाकन पाडा व आसपास के इलाकों में हजारों की संख्या में आवारा कुत्ते घूम रहे हैं जो लोगों को चैन भरी नीद लेने नहीं देते हैं मगर इस तरफ महानगर पालिका का कोई ध्यान नहीं है। ऐसा लगता है कि मनपा प्रशासन को केवल अवैध बांधकाम की ही फिक्र है। वही बांध काम पहले जोडो फिर तोडो के चक्कर में रास्ते, नाली, पानी आदि समस्याओं को ताक पर रख दिया गया है। आरोप है कि मनपा अधिकारी नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए केवल वसूली पर लगे हुए हैं। ऐसा लगता है कि शहर में केवल अवैध बांधकाम ही मूल समस्या है। इन सबके बीच राजनेता भी अपने स्वार्थ साधने में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।
