Edited by Sabir Khan;
मकसूद अली, पटना (बिहार), NIT;
बिहार में मुख्यमंत्री नितीश कुमार के इस्तीफे के बाद महागठबंधन 20 महीनों में ही टूट गया है। नितीश के इस्तीफे के बाद बिहार में राजनीतिक संकट पैदा हो गया और राज्य से लेकर केंद्र तक सियासी हलचल तेज हो गई है।
नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार शाम राज्यपाल से मिलकर उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसी के साथ ही 20 महीने से चल रही महागठबंधन (जेडीयू-कांग्रेस-आरजेडी) की सरकार का अंत हो गया।
पिछले 15 दिनों से बिहार में सियासी खींचतान चल रही थी लालू प्रसाद यादव के बेटे, बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादवरपर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते विवाद चल रहा था।
इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने महामहिम राज्यपाल से मिलकर कर इस्तीफा सौंप दिया हैं। हमसे जितना हुआ उतना गठबंधन का धर्म निभाया और जनता के हित में काम किया। मैंने लगातार बिहार के लिए काम करने की कोशिश की। जो माहौल था, उसमें काम करना मुश्किल था। हमने तेजस्वी से इस्तीफा नहीं मांगा, लेकिन लालू और तेजस्वी से यही कहा कि जो भी आरोप लगे हैं, उसे साफ करें।सइस मामले में स्पष्टीकरण करना बहुत जरूरी है, लेकिन वो भी नहीं हो पा रहा है। तेजस्वी पर आरोपों से गलत धारणा बन रही है। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष से हमने कहा कि कुछ तो ऐसा करिए जिससे रास्ता निकले, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था इसलिए अंतरात्मा की आवाज के बाद दिया इस्तीफा।
ज्ञात हो कि बुधवार सुबह लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी ने साफ कर दिया था कि नीतीश कुमार ने उनसे इस्तीफा नहीं मांगा है, जिसके बाद नीतीश ने खुद ही इस्तीफा दे दिया।
जेडीयू के वरिष्ठ नेता और सांसद के.सी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार की नीति भ्रष्टाचार को लेकर बिल्कुल साफ है। अतीत में भी नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के मामलों में इस्तीफे लेने का काम किया है।
28 जुलाई को होनी थी बैठक
नीतीश कुमार ने पार्टी विधायकों और नेताओं की 28 जुलाई को बुलाई थी, मगर आरजेडी का रुख देखते हुए नीतीश ने बुधवार शाम को ही बैठक बुला ली। इससे पहले 11 जुलाई को भी नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर जेडीयू की बैठक बुलाई गई थी। उस बैठक में इस बात की मांग उठी थी कि तेजस्वी यादव, जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
नितीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में जहां राजनीतिक संकट पैदा हो गया है वहीं सियासी गलियारों में बीजेपी के साथ जेडीयू के गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं। बिहार की राजनीति किस करवट बैठेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा, वैसे पुनः चुनाव आशंका को लेकर जनता में नाराजगी देखी जा रही है।
