वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुणेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाता है साथ ही उनको सुपोषित भी करता है। बच्चों को बीमारियों की चपेट में आने से पहले ही उससे बचाव कर लेने से जीवन, धन, समय और ऊर्जा की बचत होती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि यदि बच्चा बार-बार बीमार होगा तो वह कुपोषण की जद में आ जाएगा। इसलिए शीघ्र और छह माह तक केवल स्तनपान कराएं। साथ ही बच्चे का नियमित टीकाकरण बहुत जरूरी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि वैक्सीन शरीर में एंटीबॉडी बनाते हैं, जो संक्रमण से शरीर का बचाव करते हैं और संक्रामक रोगों से रक्षा करते हैं। नियमित टीकाकरण से बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों- काली खांसी, गलघोंटू, खसरा, टिटेनस, टीबी, पोलियो, मेनिनजाइटिस, वायरल डायरिया, निमोनिया, रूबेला, हेपेटाइटिस और जापानी इंसेफेलाइटिस से बच्चों को बचाया जाता है। इसके अलावा गर्भवती को टिटेनस एवं वयस्क डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले में सात सितंबर से 15 अक्टूबर तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। जिसके माध्यम से बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण बुधवार और शनिवार को आयोजित सत्रों पर किया जाएगा।
82 फ़ीसदी बच्चों का हो चुका टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि 0-1 वर्ष तक के लगभग एक लाख 21 हजार बच्चे हैं। जिनमें टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 82 फ़ीसदी बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। सात से 15 सितंबर तक टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें शत प्रतिशत टारगेट पूरा कर लिया जाएगा।
टीकाकरण के बाद बच्चों को बुखार आए तो घबराएं नहीं
चिकित्सकों का कहना है कि टीका लगने के बाद बच्चे में कुछ विपरीत प्रभाव दिखाई दे सकते हैं, जैसे हल्का बुखार या टीका लगने वाले स्थान पर दर्द होना, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह अपने आप ही ठीक हो जाएगा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क टीकाकरण किया जाता है। जन्म के समय लगाए गए टीके के अलावा टीकाकरण सारणी के अनुसार बच्चों को पहले जन्मदिन तक चार बार टीकाकरण के लिए ले जाना चाहिए।
