हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

हाई कोर्ट की युगलपीठ ने सरकारी बस स्टैंड पर तोड़ी गई दुकानों को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने फोटो देखने के बाद कहा कि दुकानों पर तोड़फोड़ हुई है। यह तोड़फोड़ रोक के बाद की गई है। इसलिए जो मलबा पड़ा है, उसे बिना कोर्ट की अनुमति के नहीं हटाया जाएगा, न नया निर्माण किया जाएगा। यथा स्थिति बनाकर रखनी होगी। कलेक्टर से शपथ पत्र पर पूरी जानकारी मांगी है। 19 सितंबर को याचिका फिर से सुनी जाएगी।
अजय तिवारी ने दो अगस्त 2022 को सरकारी बस स्टैंड की दुकानें तोड़े जाने को लेकर आवेदन पेश किए। साथ ही तोड़फोड़ के फोटो भी पेश किए गए। जिन दुकानों को तोड़ा गया था, उन पर कार्रवाई करने को लेकर रोक थी, लेकिन प्रशासन व मध्य प्रदेश परिवहन निगम ने दुकानों को तोड़ दिया, जिसको लेकर कोर्ट ने आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी।
