नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जामनेर तहसिल के पहुर सदर सरकारी ग्रामीण अस्पताल में कार्यरत ज्युनियर महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ तथा बदसलूकी करने के मामले मे जामनेर न्यायालय ने आरोपी मेडिकल ऑफिसर डॉ जितेंद्र वानखेड़े को एक साल की जेल और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. विषय सार इस प्रकार है कि 2 जून 2021 की रात पहुर सरकारी ग्रामीण अस्पताल मे ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर अपने शयन कक्ष मे आराम कर रही थी तब करीब रात के साढ़े बारह बजे मेडिकल ऑफिसर डॉ जितेन्द्र प्रल्हाद वानखेड़े उनकी ड्यूटी ना होने के बाद भी अस्पताल पहुँचे जहां उन्होने महिला डॉक्टर के कक्ष का दरवाजा खटखटाया और कहा कि आज मेरी पत्नी का जन्मदिन है जिसके चलते मैने आपके लिए चिकन रोस्टेड लाया है तब महिला डॉक्टर ने दरवाजा खोलने से साफ मना कर दिया . आरोपी ने लगातार महिला डॉक्टर को उसने लाए हुए चिकन रोस्टेड को ग्रहण करने का अनुरोध किया . आरोपी शराब के नशे मे धुत था इस लिए महिला डॉक्टर ने दरवाजा खोल कर उसके हाथ से चिकन वाला पार्सल ले लिया और दरवाजा बंद कर दिया . इसके कुछ देर यानी रात 1 बजे आरोपी ने रात 1 बजे महिला डॉक्टर को फोन कॉल किया और व्हाट्सएप पर ऑनलाइन आने के लिए कहा. आरोपी डॉ जितेन्द्र महिला डॉक्टर को शराब पीने के लिए आमंत्रित करता रहा इस बात से परेशान और डरी सहमी पीड़िता ने अपने अन्य सहयोगी डॉक्टर्स को फोन कर आप बीती सुनाई जिस पर अस्पताल पहुँचे स्टाफ ने शराब के नशे मे चूर मनचले डॉक्टर को वहां से बाहर निकाल दिया. पीड़ित महिला डॉक्टर ने कोतवाली पहुँचकर उनके साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ करने वाले अपने वरिष्ठ डॉ जितेन्द्र के खिलाफ तहरीर दर्ज कराई. न्यायाधीश डी एन चामले की कोर्ट मे चले इस मुकदमे मे सरकार पक्ष की ओर से एडवोकेट श्रीमती कृतिका भट ने पुख्ता दलीले पेश करते हुए आरोपी को कड़ी सजा की मांग की . मामले मे कोर्ट ने कुल 6 गवाहो की साक्ष्य को प्रमाणित कर आरोपी डॉ जितेन्द्र वानखेड़े को एक साल तक कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया.
