मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

मत्स्य पालन हेतु प्राप्त आवेदनों की पात्रता जांच किये बिना निरस्त न किया जाये, कमेटी बना कर प्राप्त आवेदनों का साक्षतकार कर प्राप्त आवेदनो पर कमेटी निर्णय ले, यह बात जिलाधिकारी श्री उमेंश प्रताप सिंह ने मत्स्य विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक का आयोजन के दौरान कही उन्होने निर्देश दिये कि एक सप्ताह में पुनः बैठक करायी जाये जिनके आवेदन निरस्त हुये है उन्हे भी बैठक में बुलाया जाये।
जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मत्स्य पालको के साथ मत्स्य विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की प्रगती के सम्बंध में जानकारी ली। सहायक निदेशक मत्स्य द्वारा बताया गया कि मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत कुल 12 परियोजनाए संचालित है जिसमे निजी भूमि पर तालाब निर्माण एवं निवेश, 8 टैंक क्षमता आर0ए0एस0, 6 टैंक क्षमता आर0ए0एस0, 100 क्यू0मी0 टैंक क्षमता आर0ए0एस0, वायोफ्लाक, फिश रियरिंग इकाई का निर्माण, मोटर साइकिल विद आईस वाक्स, साइकिल विद आईस वाक्स, लाइव फिश वेन्डि सेण्टर, कियोस्क, मत्स्य बीज हैचरी, निजी भूमि पर तालाब निर्माण पंगेशियस पालन हेतु, योजनाए संचालित है। उन्होने बताया उक्त योजनाओं में केन्द्रॉश, राज्यांश के रूप में सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को 40 प्रतिशत तथा सभी श्रेणी की महिलाओं एवं अनु0 जाति के आवेदकों को इकाई लागत के सापेक्ष 60 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है। जिलाधिकारी ने कहा कि उ0प्र0 सरकार द्वारा महत्वपूण योजनाए संचालित है परन्तु इनका व्यापक प्रचार-प्रसार न होने कारण लोग योजनाओं का लाभ नही ले पा रहे। उन्होने सख्त निर्देश दिये कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-पसार कराया जाये जिससे कि अधिक से अधिक लोग स्वारोजगार स्थापित कर योजनाओं से लाभ प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन सहित मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित मत्स्य पालक मौजूद रहे।
