नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जामनेर विकास कार्यकारी सोसायटी के चुनाव में वर्तमान सत्ताधारी भाजपा के सहकार पैनल ने सभी 13 सीटें जीतकर जीत का परचम लहराया है. पूर्व मंत्री गिरीश महाजन के नेतृत्व में बने सहकार पैनल में कांग्रेस की ओर से डॉ स्नेहांकीता लोखंडे और शंकर राजपूत तथा प्रहार संगठन के प्रदीप गायके जीत के रंग में रंग गए. 16 अप्रैल को कोल्हापुर उत्तर विधानसभा सीट के उपचुनाव मे NCP शिवसेना की साझा प्रत्याशी कांग्रेस की उम्मीदवार जयश्री जाधव के जीत पर ठाकरे सरकार में शामिल तीनों दलों के नेताओं ने भाजपा को यह कहकर चुनौती दी थी कि इसी प्रकार से तीनों दल मिलकर भाजपा को जीतने से रोकते रहेंगे. इस सीट के नतीजों के ठीक दूसरे दिन जामनेर सोसायटी के चुनाव में गठबंधन में शामिल दलों मे से कांग्रेस और प्रहार ने NCP शिवसेना और कांग्रेस के शेतकरी पैनल के खिलाफ जाकर भाजपा के सहकार पैनल से चुनाव लड़ा और जीता भी. सोसायटी चुनाव में NCP नेता संजय गरुड़ ने महागठबंधन का पैनल खड़ा किया था जिनके उम्मीदवारों को 50 से 100 वोटों के अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा है. सहकार पैनल में गोपाल पाटिल, जगन सुरलकर निर्विरोध चुने गए थे वहीं अन्य सीटों के लिए हुए चुनाव में पांडुरंग माली, देवराम चौधरी, ज्ञानेश्वर माली, अहमद जावेद, माधुरी लखोटे, गोविंदा धनगर, राजेन्द्र भोईटे, विजय सोनावणे समेत उक्त 3 सदस्य विजयी हुए हैं. वैसे सहकार क्षेत्र में संसदीय चुनावों की तरह पार्टी चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ा जाता लेकिन जो पैनल खड़े किए जाते हैं वह पार्टी पुरस्कृत होते हैं और किसी एक पैनल की जीत को पार्टी और उस पार्टी के करिश्माई व्यक्तित्व की जीत करार देकर मीडिया में प्रचारित किया जाता है. इस थ्योरी से आम जनता में यह संदेश जाता है कि जीत के बाद फला फला पार्टी का दबदबा कायम है. नेता भी सहकार क्षेत्र में हासिल की इस जीत को संसदीय चुनावों (विधानसभा लोकसभा) के प्रचार के दौरान अपने बिखरते हुए जनाधार को मजबूत करने के लिए खूब भुनाते हैं. देश के पहले सहकारिता मंत्री का पदभार वहन कर रहे अमित शाह के कार्यकाल में सहकार क्षेत्र का यह शायद पहला चुनाव होगा जिसमें भाजपा पैनल में कांग्रेस की सहभागिता रही होगी. वैसे पूर्व मंत्री गिरीश महाजन चाहते तो सभी 13 सीटों पर भाजपा के कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारी देकर क्लीन स्वीप कर सकते थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया. शेतकरी पैनल की हार को लेकर प्रतिक्रिया के लिए कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष शरद पाटील से संपर्क करने का हमारा प्रयास विफल रहा. आने वाले दिनों में राज्य में जिला परिषद पंचायत समिति के आम चुनाव होने हैं जिसमें जामनेर सहकार क्षेत्र में किए गए उक्त प्रयोग का जिक्र अवश्य किया जाएगा.
