पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

बुजुर्ग एवं असहाय दम्पति श्री नत्थालाल राठौर-श्रीमती रामकली को जिला प्रशासन ने सहारा दिया है। जिला प्रशासन, नगर निगम एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने वृद्ध दम्पति का मकान खाली करवाकर कब्जा दिलवा दिया। मकान का कब्जा मिलने पर नत्थालाल की खुशी देखते ही बन रही थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति धन्यवाद जाहिर करते हुए नत्थालाल बोले कि मुख्यमंत्री जी की प्रशासनिक टीम ने आज हमें बड़ा सहारा दिया है।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री अनिल बनवारिया के नेतृत्व में मंगलवार को गई संयुक्त टीम ने तारागंज क्षेत्र में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। तहसीलदार श्रीमती नीना गौर और नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी भी इस टीम में शामिल थे।
ग्वालियर शहर के तारागंज में श्री नत्थालाल राठौर-श्रीमती रामकली का पक्का मकान है। मकान के किराए से इस बुजुर्ग दम्पति का गुजारा चलता है। उनके एक किराएदार द्वारा पिछले कुछ सालों से किराया नहीं दिया जा रहा था। इस आशय की शिकायत नत्थालाल राठौर ने कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में पहुँचकर की थी। उन्होंने जन-सुनवाई में गुहार लगाई थी कि एक महिला द्वारा उनके मकान के एक हिस्से पर जबरन कब्जा कर रखा है। मकान का किराया न मिलने से हमें अपना खर्चा चलाने में दिक्कत आ रही है।

बुजुर्ग दम्पति की इस फरियाद को कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गंभीरता से लिया और क्षेत्रीय अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री अनिल बनवारिया को विधिवत कार्रवाई कर नत्थालाल राठौर का मकान खाली कराने के निर्देश दिए। अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री बनवारिया ने एसडीएम न्यायालय में विधिवत सुनवाई करने के बाद विधि सम्मत आदेश पारित कर नत्थालाल राठौर के मकान में जबरन रह रही कामना थारानी को मकान खाली करने का आदेश दिया। श्री बनवारिया ने बताया कि बार-बार अवसर देने के बाबजूद कामना थारानी ने मकान खाली नहीं किया। इस पर मंगलवार को नगर निगम के मदाखलत दस्ते, पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम के साथ मौके पर पहुँचकर नत्थालाल राठौर का मकान खाली कराकर उन्हें कब्जा दिलवाया गया।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री बनवारिया ने बताया कि नत्थालाल राठौर के मकान में रह रही कामना थारानी का सामान नगर निगम के मदाखलत दस्ते के वाहनों में भरवाकर समीप स्थित सिंधी धर्मशाला में रखवाया गया है। धर्मशाला के प्रबंधक से इस संबंध में चर्चा की गई और उन्होंने तीन दिन के लिये कामना थारानी को यहाँ रहने की अनुमति दी है। कामना थारानी से कहा गया है कि इस अवधि में वे किराए पर घर ढूंढकर अपना सामान शिफ्ट कर लें।
