यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

स्कॉलरशिप का आवेदन बार-बार निरस्त होने पर परिवादी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर से मिले तो उसने एक ई-मित्र पर भेज दिया। ई-मित्र संचालक ने स्कॉलरशिप आवेदन को ओपन करने के बाद श्रम विभाग के इंस्पेक्टर के लिए तीन हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर बुधवार को एसीबी टीम ने ई-मित्र संचालक को रिश्वत लेते रंगों हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एसीबी टीम ने इंस्टपेक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया. वहीं एसीबी धौलपुर के डीएसपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि परिवादी कल्याण सिंह ने एसीबी को परिवाद दिया था उसमें बताया कि उसके चचेरे भाई सूरज और बहन जयश्री के स्कॉलरशिप के आवेदन को श्रम विभाग ने कई बार निरस्त कर दिया इसके बाद परिवादी ने श्रम विभाग के इंस्पेक्टर विमल प्रताप से मुलाकात की तो इंस्पेक्टर ने उसे ई-मित्र संचालक विजय के पास मिलने भेज दिया. स्कॉलरशिप को ओपन करने के बाद ई-मित्र संचालक ने श्रम विभाग के इंस्पेक्टर के लिए 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जिसका सत्यापन कराने के बाद परिवादी ने ओड़ेला चौकी के सामने ई-मित्र संचालक को रिश्वत के पैसे दे दिए इस पर मौके पर मौजूद एसीबी की टीम ने ई-मित्र संचालक विजय कुमार को पकड़ लिया घर मिलने बुलाने पर इंस्पेक्टर भी पकड़ा. एसीबी की टीम ने मौके से पकड़े गए आरोपी से श्रम विभाग के इंस्पेक्टर को फोन कराया इंस्पेक्टर ने उसे घर मिलने के लिए बुला लिया जिस पर एसीबी की टीम ने श्रम विभाग के इंस्पेक्टर विमल प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया है. एसीबी दोनों से पूछताछ कर रही है.
