गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

विकास का ढिंढोरा पीटने वाले नेता जी से जनता पूछ रही है कि 2022 का चुनाव क्या दरगाह किछौछा के विकास के दम पर लड़ा जा रहा है। अब जनता के पास कौन से मुद्दे लेकर जाएंगे। समाजवादी पार्टी का दामन छोड़कर बीएसपी से टिकट लेकर विधान सभा का ख्वाब सजाए दिल में गौस असरफ और शबाना खातून से जनता के कई सवाल…
किछौछा की जनता को डेढ़ दशक में मिला क्या आज जनता अपने आप को मूल्यांकन कर ठगा महसूस कर रही है।आने वाले वक्त में इसका अनुकूल जवाब भी देगी। कब्रिस्तान के मामले में नगर पंचायत की जनता ने कहा कि वैसे भी नेताजी विवादों में हर समय घिरे रहते हैं। विकास के मामले में हर समय फेल दिखे सुप्रसिद्ध दरगाह किछौछा की लाचार व्यवस्था पर चुनाव के समय इन्हें कठघरे में खड़ा कर दिया है। बसखारी दरगाह किछौछा जनता की शिकायत पर मीडिया टीम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए उसकी हकीकत जानने का प्रयास किया तो 100% लोगों की शिकायत सही पाई गई। जहां सरकार द्वारा करोड़ों अरबों रुपया स्वच्छता अभियान पर पानी की तरह बहा रही है वहीं पर नगर पंचायत किछौछा सरकार के मंसूबों पर पानी फेरती नजर आई बारिश के दिनों में तो आलम यह रहता है कि दरगाह किछौछा की सड़कों पर स्ट्रीमर की जरूरत होती है, यहां की नालियां पानी में डूब कर आत्महत्या करती हैं और नालों का मलबा घरों में घुसता है, किछौछा का विकास बिल्कुल उसी तरह गायब है जैसे गधे के सिर से सींग गायब होता है।
