नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए राज्य में तीन दलों को मिलकर बनाई गई ठाकरे सरकार गांधी के तीन बंदरों जैसी है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है, ऐसा प्रहार पूर्व मंत्री तथा सदन में हंगामे के कारण एक साल के लिए निलंबित किए गए विधायक गिरीश महाजन ने राज्य सरकार पर किया है. सूबे में सरकार की ओर से पैदा किए गए कृत्रिम बिजली संकट तथा मनमाने बिल वसूलने की मुहिम को लेकर भाजपा ने तहसील स्तर पर मोर्चा का आयोजन किया जिसको महाजन संबोधित कर रहे थे. महाजन ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर ताबड़तोड़ हमले करते कहा कि 2 साल से CM मंत्रालय नहीं आए शासन प्रशासन में कोई तालमेल नहीं है, गआखिर राज्य कौन और कैसे चला रहा है? कुदरती आपदाओं से पीड़ित किसानों को कोई मदद नहीं की गई, किसानो को खाद, बीज नही मिल पा रहे, फसल बीमा के नियमों में परिवर्तन कर सरकार के मंत्रियों ने बीमा कंपनी से करोड़ों रुपया कमीशन के तौर पर कमाया है. मैंने अपने 30 साल के राजनीतिक कैरियर में इतनी कमीशनखोर और फिरौती मांगने वाली सरकार आज तक नहीं देखी. विदित हो कि राज्य में जब ठाकरे सरकार बनी तब घरेलू बिजली के दरों में 22 फीसद की वृद्धि कर दी गई उसके बाद कोरोना काल में बिजली बिलों में राहत देने के अपने वक्तव्यों से सत्तापक्ष के नेता ही मुकर गए. किसानों के बकाया बिलों को माफ करने की घोषणा सरकारी तिजोरी भरने की कुंजी साबित हुई. ठाकरे सरकार में बिजली मंत्रालय का कामकाज सबसे खराब रहा है आज पूरे देश में महाराष्ट्र एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ बिजली के दर सबसे अधिक हैं. आज सरकारी विभागों पर बिजली बोर्ड का करीब 8 हजार करोड़ रुपया बकाया है जिसको लेकर सरकार के भीतर कोई ठोस पॉलिसी नहीं है.
जिप चुनाव मुहाने भाजपा आक्रामक – जिला बैंक और बोदवड नगर पंचायत चुनाव मे भाजपा के पिटने के बाद जिला पंचायत के चुनाव के मुहाने महाजन ने इस आंदोलन के शंखनाद से पार्टी में जान फूँकने के लिए कोशिशें तेज कर दी है. जलगांव जिले मे महाजन के सामने NCP के ताकतवर नेता एकनाथ खडसे की चुनौती बरकरार है.
