अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थनगर (यूपी), NIT:

राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ द्वारा महामहिम राजपाल उत्तर प्रदेश एवं मुख्य सचिव महोदय गोरखपुर उत्तर प्रदेश को उपज़िलाधकारी इटवा द्वारा स्कूल को खोले जाने के संबंध में एक ज्ञापन दिया गया।
कोवड-19 महामारी के कारण सबसे ज़्यादा प्रभावित प्राइवेट इन्स्टिटूशन/ विद्यालय और पढ़ने लिखने वाले बच्चों का हुआ है।
प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीक़े से चौपट हो गई है जिससे प्रदेश के नौनिहालों का भविष्य अंधकार में होता जा रहा है। वहीं शिक्षा जगत से जुड़े कर्मचारियों, प्रबंधों और अध्यापकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें अपना जीविकोपार्जन करना मुश्किल होता जा रहा है।
विद्यालय बंद होने के बावजूद बिजली का बिल, अध्यापकों का वेतन, वाहन का इन्शुरन्स, फ़िट्नेस, परमिट जैसी अनेक चार्जेज लिए जा रहे हैं. अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है जिसको विद्यालय प्रबंधक के द्वारा कैसे-कैसे अपने को कर्ज़ में डूब कर इसे पूरा किया जा रहा है। सरकार और प्रशासन मौन होकर इनकी बर्बादी देख रहा है।
हर जगह बाज़ार लगी हुई है चुनाव से लेकर बाज़ार, प्रतिष्ठान खुले हैं ऐसे में विद्यालय को बंद करके नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है ।
हम सरकार एवं प्रशासन से चाहते हैं कि कोविड-19 के समस्त नियमों का पालन करते हुए कुछ शर्तों के साथ 50 प्रतिशत क्षमता के साथ विद्यालय को खोलने की अनुमति दी जाए एवं विद्यालय बंदी के दौरान सभी तरह के चार्जेज़ को माफ़ किए जाएं।
