जनता अपने हक के लिए दरबदर ठोकरें खाने के लिए है मजबूर, बिना रिश्वत दिये नहीं मिल रहा है किसी सरकारी योजना का लाभ | New India Times

भूपेंद्र पांडेय, रीवा (मप्र), NIT:

जनता अपने हक के लिए दरबदर ठोकरें खाने के लिए है मजबूर, बिना रिश्वत दिये नहीं मिल रहा है किसी सरकारी योजना का लाभ | New India Times

इस समय भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, उच्च अधिकारी एवं ग्राम पंचायत प्रधान के मिलीभगत से सपने सिर्फ सपने बन कर रह गए हैं प्रधानमंत्री मोदी जी के. आखिर क्यों हुआ ऐसा आइये जानते हैं पुरी जानकारी जनता के कथन से. आपको बताते चलें यह घटना रीवा जिला विकासखंड मऊगंज ग्राम पंचायत बरहठा ग्राम प्रधान मनोज चौबे एवं उच्च अधिकारी की देन जनता खून के आसूं रोने के लिए हुए मजबूर अपने हक के लिए अब कहाँ किससे करे गुहार सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ के लिए देना पड़ता है पैसा फिर भी नहीं मिलता लाभ, आखिर कब तक ऐसे चलेगा जनता न्याय की उम्मीद में बैठी है. ग्राम पंचायत बरहठा प्रधान मनोज चौबे कार्य पहले खुद का लाभ फिर जनता लेकिन अब उम्मीद लिए बैठी जनता को नहीं मिला लाभ आखिर उच्च अधिकारी द्वारा जनता को कब मिलेगा जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ. नहीं मिला कोई सरकारी योजनाओं का लाभ आखिर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का किस को मिल रहा लाभ जनता मांग रही है जवाब.

अब देखना है कि उच्च अधिकारी इस मामले में कोई कार्यवाही करते हैं या जनता यूँ ही लुटती रहेगी.

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