जफर खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

एक तरफ देश में गो वंश की रक्षा को लेकर चल रहे विवाद में कई लोगों की जान चली गई है तो दूसरी तरफ अकोट शहर की मशहूर समाजसेवी नूरा भाई ने इंसानियत की मिसाल पेश की है. गाय बचपन से ही घर में पालकर उसे प्यार दिया लेकिन गाय की बीमारी से मृत्यु होने के बाद उस गाय का नूरा भाई ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कराया और साथ ही उन्हें सभी रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया गया जो हिंदू मुस्लिम भाई चारा की मिसाल आज पूरे देश में पेश की हैं। नूरा भाई के अकोट शहर में हिंदू, मुस्लिम और सभी धर्मों के लोग उन्हें मानवता के दूत के रूप में देख रहे हैं।
