नरेंद्र इंगले, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एकनाथ खडसे की सुपुत्री रोहिणी खडसे पर हुए जानलेवा हमले के ख़िलाफ़ जिला महिला एनसीपी विंग ने वंदना पाटील के नेतृत्व में पूरे जिले में प्रदर्शन किए जिसमें दोषियों पर शीघ्र प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की गई है. एकनाथ खडसे ने मुक्ताई नगर के निर्दलीय विधायक चंद्रकांत पाटिल पर हमले का सीधा आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. कुछ दिन पहले NCP जिला प्रमुख रविंद्र पाटील को बोदवड पंचायत के चुनावी माहौल के बीच अन्य दल के पदाधिकारी ने कुछ बुरा भला कह दिया तो जिला भर में NCP ने दोषियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर ज्ञापनबाजी शुरू कर दी. ब्लाक नेता संजय गरुड़ ने थाने पहुंचकर दरोगा को ज्ञापन सौंपा था. दुर्व्यवहार की घटना बोदवड में घटी जहाँ पंचायत का आम चुनाव था. पाटिल इसी क्षेत्र के बाशिंदे हैं. वैसे तो कायदे से ये मामला चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए था. सूबे की ठाकरे सरकार में गृह विभाग NCP के पास है. पाटिल जो NCP सुप्रीमो शरद पवार के मानस पुत्र बताए जाते हैं इतने महत्वपूर्ण शख्स से अगर किसी ने दुर्व्यवहार किया है तो वे संबंधित थाने जाकर एक तहरीर दर्ज कर सकते है. NCP में खडसे परिवार का रसूख भी कुछ कम नहीं है. बावजूद इसके पूरे प्रदेश में ऐसा ट्रेंड चल पड़ा है की लगभग सभी पार्टियां सड़क पर उतरकर कानूनी मसलों को सार्वजनिक बनाने में लगी हैं.
इवेंट और सुर्खियां- बीते कुछ सालों के भीतर सभी राजनीतिक दलों ने मीडिया के माध्यम से इवेंट मैनेजमेंट की फैक्टरी चला रखी है जिससे मात्र सुर्खियां बन रही हैं और अखबारों से मुख्य खबरें गायब कर दी गई हैं. किसी भी समस्या को लेकर कुछ लाइने टाइप करो साथ में हल्की सी भीड़ जुटाओ अधिकरियों को ज्ञापन सौंपो फोटो खिंचवावो उसके बाद खबरों के माध्यम से जनता के बीच नेता बन जाओ. इश्यू को नॉन इश्यू और नॉन इश्यू को इश्यू बनाकर मीडिया के जरिये नेता बनने का यह सबसे आसान तरीका है जिसे माध्यमों ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र कहे जाने वाले भारत की आधुनिक सुंदरता का नया प्रमाण बना दिया है. इस संकल्पना में नागरिकों को अपने नागरिक होने के बदले में नेताओ की प्रचारित लोकप्रियता को ढ़ोना पड़ रहा है.
