स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ ₹9 लाख की ठगी, थाना प्रभारी की मेहनत लाई रंग, ठगबाज़ को भेजा सलाखों के पीछे | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ ₹9 लाख की ठगी, थाना प्रभारी की मेहनत लाई रंग, ठगबाज़ को भेजा सलाखों के पीछे | New India Times

ग्रामीण क्षेत्रों में एक ठगबाज महिला द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की भोली भाली महिलाओं को जोड़कर उनके दस्तावेजों का उपयोग करके 03 लाख रुपए प्रति समूह लोन स्वीकृत कराया जिसमें ग्रामीण बैंक से 09 लाख रुपए योजना में ऋण मिला इस राशि को उक्त ठग महिला ने स्वयं की फर्जी फर्म नर्मदा कृषि केंद्र के खाते में डलवाई। कुटीर उद्योग चलाने के लिए पत्तल दोना बनाने वाली 05 बंद मशीने और एक बोरी कच्चा माल मुहैया कराया। लेकिन जालसाजी में कुछ व्यापारी भी मिले हुए थे। नतीजा यह हुआ कि खराब मशीनों और कच्चे माल की अनुउपलब्धता के चलते समूह की महिलाओं ने बार बार मशीन चालू कर कच्चा माल देने हेतु कहा लेकिन हर बार झूठा आश्वासन देकर चलता किया।
मिली जानकारी के मुताबिक आदिवासी अंचल विधानसभा जुन्नारदेव ग्राम पंचायत गुद्दम स्थित कोटाखारी की तीस महिलाओं को शामिल कर तीन स्वयं सहायता समूह बनाएं इनके दस्तावेजों के आधार पर पत्तल दोना निर्माण ईकाई हेतु शासन की योजना से वर्ष 2012 में मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक के माध्यम से क़रीब 09 लाख रुपए ऋण लिया। जिले के कुछ व्यापारी की मिली भगत से राशि आहरण की। ठगबाजों ने स्वयं सहायता समूह को घटिया किस्म की पत्तल दोना बनाने वाली मशीन दी जो इनके किसी काम नहीं आई। बैंक से जब ऋण राशि चुकाने के लिए नोटिस मिलने पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपने साथ धोखाधड़ी किये जाने का पता चला। बैंक द्वारा ऋण चुकाने के लिए दबाव बनाया गया। तब महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक छिन्दवाड़ा को शिकायत की जिसपर जुन्नारदेव थाने में अपराध क्रमांक 386/18 धारा 420,34 आईपीसी कायम किया। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी करने में पुलिस ने रुचि नहीं दिखाई तीन साल बाद आज इस धोखाधड़ी के मामले में टी आई बृजेश मिश्रा ने मुख्य मास्टरमाइंड लक्ष्मी ढाकरिया उम्र (60) रामकुमार मोदी (58) निवासी रेलवे स्टेशन के पास छिन्दवाड़ा को गिरफतार कर न्यायालय पेश किया जहां से जेल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी ढाकरिया द्वारा ग्राम हिरदागढ में भी कुछ महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की जानकारी मिली है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version