छपारा ग्राम पंचायत में लाखों रूपए के फर्जीवाडे का आरटीआई से हुआ खुलासा, पूरे मामले के जांच की उठी अवाज | New India Times

पीयूष मिश्रा, सिवनी ( मप्र ), NIT; ​छपारा ग्राम पंचायत में लाखों रूपए के फर्जीवाडे का आरटीआई से हुआ खुलासा, पूरे मामले के जांच की उठी अवाज | New India Timesहमेशा विवादों में रहने वाली ग्राम पंचायत छपारा के सरपंच सचिव की शिकायत 11 पंचों सहित उपसरपंच द्वारा जिला कलेक्टर, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से फर्जीवाड़ा को उजागर करने की मांग किया गया था, जिसमें अधिकारियों द्वारा एक सप्ताह के अंदर जांच का आश्वासन मिला था, परंतु समाचार लिखे जाने तक जांच नहीं हो पाई है।

 क्या छपारा में पेयजल वितरण के नाम से 2 वर्ष में 1 लाख18 हजार का पानी परिवहन टैंकरों से वितरित किया गया है, जिसके बिल बाउचर देखने से संदेहास्पद लगते हैं  इसी तरह मोटर रिपेयरिंग के नाम से एक लाख 28 हजार रुपए के बिलों का भुगतान किया गया है और सिवनी के एक दुकानदार को भी मोटर रिपेयरिंग के नाम से 39 हजार 670 रूपए का भुगतान किया गया है। क्या छपारा की पानी सप्लाई की मोटर सिवनी में सुधारी जाती है? उक्त बिलों के भुगतान कई संदेहों को जन्म देती हैं, जो जांच के बाद उजागर होगा। इसी तरह सरपंच, सचिव द्वारा 1लाख 20 हजार 447 रुपये के बिलों का भुगतान सामग्री खरीदी जो नल के पार्ट्स, पाईप लाईन दुरुस्तीकरण के लिए दिया गया उक्त बिलों में अगर सूक्ष्मता से जांच कराई जाती है तो लाखों के रुपयों का फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है। बिलों के भुगतान में फिटकरी और ब्लीचिंग खरीदी के बिल भी लगाए गए हैं जिसका भुगतान 2 लाख 50 हजार 625 रुपए का भुकतान किया गया है, जबकि इतनी राशि की फिटकरी नहीं ली गई और मनमाने बिल लगाकर सरपंच, सचिव ने शासन के धन का दुरुपयोग कर बिलो में हेरा फेरी कर चूना लगा रहे हैं।​छपारा ग्राम पंचायत में लाखों रूपए के फर्जीवाडे का आरटीआई से हुआ खुलासा, पूरे मामले के जांच की उठी अवाज | New India Times

सूचना के अधिकार द्वारा ली गई जानकारी

 उक्त संपूर्ण जानकारी ग्राम पंचायत छपारा से सूचना के अधिकार के तहत, पत्र क्रमांक 181 दिनांक 29 जून 2017 को ली गई है, जिसमें पंचायत द्वारा 69 पन्नों में उक्त जानकारी निकल कर सामने आई जिसमें एक ही तारीख के चार-चार बिल सबमिट किए गए हैं और जो बिलों का भुगतान किया गया वह संदेहास्यपद दिखता है। कुछ बिलो में पानी परिवहन जो टैंकर द्वारा किया गया नगर के 20 वार्डों का विवरण उसमें है, जबकि ग्रीष्म ऋतु को छोड़कर बरसात और ठंड के दिनों की भी तारीख के बिल टैंकर परिवहन के लगाए गए, प्रतिमाह मोटर सुधारीईगई है। ग्रामपंचायत द्वारा एक माह में तीन- चार बार मोटर संधारण का बिल लगाया गया जो कि अनेकों संदेहों को जन्म देता है।

किराये के टेंकर से पानी वितरण 

 ग्राम पंचायत छपारा के पास स्वयं का पानी का टैंकर जो कि भूतपूर्व विधायक स्व. ठाकुर हरवंश सिंह द्वारा दिया गया था, पानी का टैंकर होने के बाद भी किराए का टैंकर पानी परिवहन में लिया गया जो कि समझ के परे है।

विगत 2 वर्षों में सरपंच, सचिव के द्वारा लाखों के पेयजल वितरण, पानी परिवहन, फिटकरी, ब्लीचिंग खरीदी के बिल पाईप लाईन को दुरुस्त करने के लिए सामग्री क्रय की गई जिनके बिलों का भुकतान भी किया गया है। जो संदिग्ध है जो कि जांच में उजागर हो सकता है।

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