अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार के नेतृत्व में पैरामेडिकल छात्रों के जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर राजभवन के बाहर ताली थाली बजाकर ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने मेडिकल विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा हैं कि मेडिकल विश्वविद्यालय ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद कर दिया। मध्यप्रदेश में मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग के छात्र-छात्रायें का समय तो बर्बाद हो ही रहा हैं लेकिन कई छात्र-छात्रायें मानसिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित हैं विश्वविद्यालय ना तो परीक्षा समय पर करवा पाता है और ना ही परीक्षा परिणाम समय पर जारी कर पाता है इसकी वजह से लाखों छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकार में है।

रवि परमार ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की हैं कि मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान इस विद्यालय के पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं के भविष्य और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिस आधार पर नर्सिंग के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रोन्नत किया गया उसी आधार पर सभी पैरामेडिकल के विद्यार्थियों को भी अगले वर्षों में प्रोन्नत किया जाये।
परमार का आरोप हैं मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान (मेडिकल) विश्वविद्यालय की वजह से पैरामेडिकल, नर्सिंग और मेडिकल के छात्र-छात्राओं का समय और भविष्य दोनों बर्बाद हो रहा है. छात्र-छात्रायें अत्यधिक मानसिक तनाव में है और कई छात्र-छात्रायें परेशान हो कर अन्य निजी विश्वविद्यालयों में महंगी पढा़ई करने पर मजबूर हो रहे हैं मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की वजह से मध्यप्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था बर्बाद होने की स्थिति आ पहुँची हैं इसके बावजूद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उर्फ टंट्या मामा और मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी विश्वविद्यालय की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

रवि ने कहा कि मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा अधिसूचना जारी कर पूनर्मुल्यांकन की प्रकिया पर रोक लगा दी जो कि विश्वविद्यालय प्रशासन का बहुत गलत रवैया हैं इससे हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य बर्बाद होगा क्योंकि विश्वविद्यालय का एकैडमिक कैलेण्डर बैलगाम हो चुका हैं और विश्वविद्यालय द्वारा मूल्यांकन भी ठीक तरीके से नहीं किया जाता हैं ऐसे में छात्र छात्राओं से पुनर्मूल्यांकन मौका छीना जा रहा है उस पर तुरंत रोक लगाई जाये.
एनएसयूआई ने चेतावनी देते हुऐ कहा है कि अगर जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो एनएसयूआई उग्र प्रदर्शन कर राजभवन का घेराव करेगी।
