मध्य प्रदेश में सोने के खान मिलने के मिले संकेत, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने सर्वे में जाहिर की संभावना, जांच के लिए नागपुर लैब में भेजा सेंपल | New India Times

आशा रेकवार, भोपाल, NIT; ​
मध्य प्रदेश में सोने के खान मिलने के मिले संकेत, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने सर्वे में जाहिर की संभावना, जांच के लिए नागपुर लैब में भेजा सेंपल | New India Timesखनिज सम्पदा की उपलब्धता की दृष्टि से भारत की गणना विश्व के खनिज संसाधन सम्पन्न देशों में की जाती है। देश के दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश पर भी प्रकृति की मेहरबानी रही है कि खनिज सम्पदाओं से परिपूर्ण यह प्रदेश अब सोने की खान के लिए भी जाना जाएगा| प्रदेश के कटनी जिले में स्लीमनाबाद स्थित इमलिया गांव में सोने की खदान मिलने के प्रमाण मिले हैं| भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के सर्वे में यह संभावना जाहिर की गई है कि यहां सोने के भंडार हैं। ड्रिलिंग में जो सेम्पल मिले उसमें इस बात की पुष्टि भी हो रही है। ये सेम्पल अब नागपुर स्थित सेंट्रल इंडिया के मुख्यालय भेजे गए हैं। जल्द ही इस दिशा में जीएसआई बड़ा कदम उठा सकती है| कुछ वर्ष पूर्व भी यहां सोने की खदान मिलने की चर्चा हुई थी। जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंचे थे, लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया था। सोने की खदान यहां होने की सम्भावना कई सालो से लगाईं जा रही है और अगर सम्भावना हकीकत में बदल जाती है तो मध्य प्रदेश के नाम एक और इतिहास जुड़ जाएगा जो सुनहरा होगा।​मध्य प्रदेश में सोने के खान मिलने के मिले संकेत, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने सर्वे में जाहिर की संभावना, जांच के लिए नागपुर लैब में भेजा सेंपल | New India Timesसलीमनाबाद  के इमलिया गांव में पिछले दिनों जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के अधिकारियों ने 150 फिट से लेकर 200 फिट तक ड्रिलिंग कराई और यहां की मिट्टी को नागपुर भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक परीक्षण में इस बात के सुबूत तो मिल रहे हैं कि इस क्षेत्र में सोना है, पर उसकी शुद्धता और मात्रा को लेकर संशय है, इसलिए सेंट्रल लैब से दिशा-निर्देश मांगे जाएंगे। इमलिया और आसपास के गांवों में सोना के साथ ही कॉपर, तांबा तथा कई अन्य धातुएं भी हैं। इस सोने में करीब 70 फीसदी की शुद्धता बताते हुए जीएसआई ने यहां पर खनन को भी आर्थिक रूप से फायदेमंद बताया है। जल्द ही टीम दोबारा सर्वे करने कटनी पहुंचेगी।

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