शहर में नासूर बनता जा रहा अतिक्रमण, जाम के झाम में फंसीं शहर की सड़कें | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

शहर में नासूर बनता जा रहा अतिक्रमण, जाम के झाम में फंसीं शहर की सड़कें | New India Times

लखीमपुर खीरी में मंगलवार को जिला अस्पताल रोड पर लंम्बा जाम लग गया। यहां स्टेट बैंक से लेकर आस पास की दुकानों पर नो पार्किंग के चलते दुकानों और बैंक के सामने खड़ी बाइकों से भीषण जाम लगता है। इसी जाम में एम्बुलेंस फंस गई जो लखनऊ के लिए मरीज लेकर जिला अस्पताल से निकली थी। एम्बुलेंस जाम में फंसने से अफरा तफरी का माहौल बन गया।लोगों के द्वारा इस समस्या को सोशल मीडिया में जब वाइरल किया गया तब पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम को खोलने की कार्रवाई शुरू की और तब तक लोग घण्टों शहर के जाम में फंसे रहे।शहर की सड़कों पर दिनोदिन बढ़ता जा रहा अतिक्रमण शहर का नासूर बन चुका है। नगर पालिका के साथ संयुक्त रूप से किए गए जिला प्रशासन के प्रयास जहां रस्म अदायगी भर साबित हुए।वहीं सड़कों पर दूर तक फैलते इस अतिक्रमण ने शहर में जगह-जगह जाम की भी समस्या पैदा कर दी है।नगर पालिका के पार्किंग बनवाने व यातायात सुगम करने के वादे भी हवा हवाई ही साबित हुए।सड़कों के दोनों तरफ आधी दूर तक फैले अतिक्रमण में कहीं दुकानों का सामान तो कहीं बीच बाजार में बेतरतीब खड़े वाहन लोगों के लिए दुश्वारियां पैदा कर रहे हैं। सुबह दफ्तर की जल्दी हो, स्कूल जाना हो,मरीजों को अस्पताल जाना हो या फिर व्यापारियों को अपने काम पर सड़कों के दोनों तरफ आधी-आधी दूर तक फैले अतिक्रमण से बचकर यदि आप निकल गए तो जाम में फंसना आपकी मजबूरी है।हीरालाल धर्मधाला से सदर चौराहे होते हुए हमदर्द तिराहे फिर वहां से विलोबी हाल जाने वाले मार्ग पर जबरदस्त अतिक्रमण है। हालात यह है कि करीब 15 फिट चौड़ी सड़क पर महज सात या आठ फिट की ही जगह है।जिस पर लोगों का पैदल, दुपहिया, तिपहिया या फिर चार पहिया वाहनों से निकलना होता है।लेकिन कई बार जाम में फंसने पर इस सड़क पर भी लोगों को घंटों लग जाते हैं।इसका प्रमुख कारण सड़कों के दोनों तरफ फैला अतिक्रमण है। सड़कों के दोनों तरफ फैला अतिक्रमण है। इसमें यदि स्थाई अतिक्रमण की बात करें तो पक्की दुकानें के छज्जों ने नालों तक को ढक रखा है।जिससे नगर पालिका को सफाई कराने में दिक्कत होती है। इसके अलावा व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों का सामान तक सड़क पर लगा दिए जाने से भी लोगों को दिक्कतें होती हैं। आधी दूर तक घिरी सड़क से कई बार दुपहिया वाहनों को भी आवागमन में दिक्कतें होती हैं।सदर बाजार में दूकानों के सामने खड़े वाहन बराबर लोगों की परेशानी का सबब आज भी बने हुए हैं। सुनहरी मस्जिद के पास से इलाहाबाद बैंक तक पूरी सड़क न केवल जबरदस्त अतिक्रमण का शिकार है बल्कि कई बार यहां खड़े भारी वाहन भी लोगों के लिए दिक्कत बन जाते हैं।

अतिक्रमण का सर्वाधिक शिकार सदर चौराहे से संकटा देवी चौराहे जाने वाला वह मार्ग है और सदर चौराहे से अस्पताल रोड पर भारी अतिक्रमण है जिस पर गल्ला मंडी पड़ती है यहां भी दुकानदारों ने अपनी दूकानों के सामान बाहर तक लगा रखे हैं।जिससे कई बार बाईक सवार,साइकिल सवार या रिक्शे वालों के भी फंस जाने से लोगों को चोट लग जाती है।नालों व सड़कों पर किए गए इस अतिक्रमण के हटवाने के प्रयास नगरपालिका ने कई बार किए पर हर बार ये अभियान चार दिन की चांदनी के बाद फिर अंधेरा पाख ही साबित हुए।

यह हैं सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
लखीमपुरखीरी।यह है सर्वाधिक जाम प्रभावित क्षेत्र-शहर के सर्वाधिक जाम क्षेत्रों में तहसील गेट से सदर चौराहे के हनुमान मंदिर तक,सदर चौराहे के आगे कन्हैया लाल मंदिर हमदर्द तिराहे तक,खुशवक्तराय मार्केट से सुनहरी मस्जिद के आगे तक जबरदस्त जाम रहता है।वहीं सदर चौराहे से खोया मंडी होते हुए गल्ला मंडी व संकटा देवी चौराहे तक जाने वाला मार्ग अतिक्रमण के कारण जाम प्रभावित रहता है।उधर जिला अस्पताल रोड व बस स्टेशन रोड भी जाम से प्रभावित रहती है।वही संकटा देवी से मेला मैदान रोड पूरे दिन जाम के झाम से जूझती है।

समय-समय पर अतिक्रमण को हटाने के लिए लगातार अभियान चलाये जाते हैं और सड़कों पर अतिक्रमण न फैले इसके लिए व्यापारियों से भी वार्ता की जाती है लेकिन थोड़े दिन बाद भी फिर व्यापारी बंधु अपने सामान सड़क पर लगाने लगते हैं जिससे अतिक्रमण फैलने लगता है। ईओ नगर पालिका परिषद लखीमपुर खीरी

ट्रैफिक पुलिस लगातार प्रयास करती है कि शहर में जाम ना लगे,इसके लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की लगातार ड्यूटी लगी रहती है,शहर में खड़े हुए बेतरतीब वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था ना होने के चलते जाम लग जाता है।टीएसआई लखीमपुर खीरी

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version