आदिवासी अंचल की अनूठी परंपरा, मन्नत धारियों के ऊपर से गुजरती है गौ माता | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

आदिवासी अंचल की अनूठी परंपरा, मन्नत धारियों के ऊपर से गुजरती है गौ माता | New India Times

मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में परंपरा अनुसार दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा के दिन गाय गोहरी का पर्व बड़े धूमधाम से आतिशबाजी कर मनाया जाता है!

इसी सिलसिले में झाबुआ जिले के मेघनगर आजाद चौक पर क्षेत्र के आदिवासी समाज ने गाय गोहरी का पर्व धूमधाम से मनाया परंपरा अनुसार आदिवासी अंचल में इस पर्व का ऐतिहासिक महत्व है यह पर्व गाय और ग्वाला के आत्मीय रिश्ते की कहानी कहता है गाय यानी जगत की पालनहार ओर गोहरी का अर्थ होता है ग्वाला!

आदिवासी अंचल की अनूठी परंपरा, मन्नत धारियों के ऊपर से गुजरती है गौ माता | New India Times

बताया जाता है कई वर्षों से चली आ रही परंपरा अनुसार मन्नत धारी जमीन पर लेट जाते है ओर गाय उनके ऊपर से गुजरती है लेकिन किसी को कभी चोट नहीं लगती. जहां सजी-धजी गाय जमीन पर लेटे मन्नत धारियों के ऊपर से गुजरती है तो उनके मुंह से उफ की बजाय भगवान का जयकारा निकलता है!
गाय गोहरी पढ़ने वाले बसु पारगी, गुल्ला वसुनिया, पप्पू वसुनिया, मनिया खराड़ी, नवीन पारगी,अजय पारगी, अमरसीग डामोर, रामु वसुनिया, राजेश वसुनिया, आदी ने गायो के निचे लेट कर अपनी परंपरा का निर्वहन किया!

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