मो. मुजम्मिल, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

छिन्दवाड़ा जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष सुरेश कपाले ने बताया कि कांग्रेस सेवादल द्वारा सेवादल कार्यालय में महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती मनायी गयी. इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित हुये। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जी की छायाचित्र पर माला अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर कपाले ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये महर्षि वाल्मीकि जी के बारे में बताया कि आदि कवि वाल्मीकि त्रेतायुग के महान व्यक्तित्व के धनी एवं उनकी रामायण भारत ही नहीं विश्व के अनेक देशों में प्रचलित हैं। विशेष तौर पर जर्मन के विद्धानों में रामायण अति प्रिय काव्य हैं । रामायण के लेखक कवि वाल्मीकि ने आदर्श व्यक्तित्व एवं वास्तविक चरित्र की आदर्श कल्पना श्री रामचरित जी के रूप में वर्णित की हैं। डिसकवरी आफ इंडिया नामक पुस्तक में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जी ने लिखा है इस महान ग्रंथ ने जितना प्रभाव भारतीय जनजीवन में डाला है उतना कितनी ग्रन्थ ने नहीं डाला हैं। भारतीय जनमानस में रामायण अति प्रिय हैं। रामायण के प्रत्येक चरित्र में एक मर्यादा हैं। चाहे वह चरित्र रावण का ही क्यों न हो। वाल्मीकि जी आधुनिक समाज को सदैव प्रेरणा देते रहे हैं। वे एक आदर्श पिता, पुत्र, माता, भ्राता एवं पत्नि को भी आदर्श की कोटि पर खरा पाते हैं। वाल्मीकि जी के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है उनका व्यक्तित्व साधारण नहीं था उन्होंने अपने जीवन की एक घटना से प्रेरित होकर अपना जीवन पथ बदल दिया जिसके परिणामस्वरूप महान पूज्नीय कवियों में से एक बनें। यही चरित्र उन्हें महान बनाता हैं और हमंें उनसे सीखने के प्रति प्रेरित करता हैं। रामायण इनकी महान रचना में से हमें महान ग्रंथ रामायण का सुख मिलता हैं। यह एक ऐसा ग्रन्थ है जिससे मर्यादा सत्य प्रेम मातृत्व मित्रता एवं सेवक के धर्म की परिभाषा सिखाता हैं इस अवसर पर सेवादल के निम्न पदाधिकारी उपस्थित थे जिसमें सर्व श्री सुरेश कपाले, राकेश मरकाम, दिनेश डेहरिया, सतीश डेहरिया, जुगनू धुर्वे, विनोद चौरे, निखिलेश चरण दुबे, रंजीत रविकर, राकेश नागोतिया, राजेश उइके, धर्मेन्द्र साराभाई, रामपाल सोमकुंवर, संजय शेंडे, अखिलेश पवार, रेशमा खान, डाॅ.यास्मीन खान, सीमा शुक्ला, प्रीति धुर्वे, करिश्मा डेहरिया आदि प्रमुख उपस्थित थे।
