मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

सामाजिक संस्था भाऊ वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से विश्व नदी दिवस का आयोजन कर मां ताप्ती नदी को प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर भाऊ वेलफेयर फाउंडेशन, सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण योद्धाओं, युवाओं और सभी नागरिकों से मां ताप्ती के संरक्षण और संवर्द्धन का आह्वान करता है। नदी दिवस का उद्देश्य नदियों में बढ़ रहे जल प्रदूषण को नियंत्रित करना है, क्योंकि नदियां हमारे जीवन का अभिन्न अंग ही नहीं वरन प्राणदाई प्राकृतिक वरदान स्वरुप हैं। इन पर सारे जीव जंतु, प्राणी, पेड़ पौधों का अस्तित्व निर्भर करता है। संस्था जिलाध्यक्ष राजेश भगत ने कहा 2005 में विश्व के सभी देशों की नदियां, समंदर समेत सारे जल संसाधनों की देखभाल के लिए और जल संरक्षण के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व नदी दिवस 26 सितंबर को घोषित किया था। आज हम संकल्प लें कि नदियों में फैल रहे जानलेवा प्रदूषण से देश को निजात दिलाना है। गंगा, नर्मदा, यमुना जैसी ऐतिहासिक पवित्र नदियां भी काफी प्रदूषित हो चुकी हैं। मानवीय अतिक्रमण का शिकार हो चुकी हैं। नदियों में अविरल बहाव थमता नजर आ रहा हैं। नदियों में गाद का जमना प्रमुख समस्या बन चुकी है। शहरों के और कल कारखानों के दूषित कचरों और गंदे पानी से नदियां बीमार हो चुकी हैं, और तो और नदियां बहुत स्थानों पर सूखती नजर आ रही है। इस वर्ष नदी दिवस 2021 की थीम है सभी नदियों के लिए कार्रवाई का दिन। आपको मालूम है कि पृथ्वी पर 71% पानी है लेकिन 97.3 प्रतिशत पानी खारा है, पीने योग्य नहीं है। इसलिए मित्रों नदियों को, जल स्रोतों को दूषित होने से हम बचाएं। नदियों, झीलों, तालाबों, नहरों आदि को प्राकृतिक स्वरूप प्रदान करने में हम सभी जुट जाएं। क्योंकि जल ही जीवन है। नदी सुरक्षित तो हम सुरक्षित। नदियां हम सब का वर्तमान है और भविष्य भी। नदी दिवस के पुनीत अवसर पर जय कुमार गंगराडे ने कहा हम सभी सम्मानित पर्यावरण सेनानियों से आग्रह पूर्वक निवेदन करते है कि आइए हम सब मिलकर सृष्टि की उम्र बढ़ाएं। नदियों, झीलों, तालाबों, नहरों और ताल तलैया आदि के संरक्षण और संवर्धन के लिए हम एक कदम बढ़ाए। लोगों को जागरूक करें। इस अवसर पर संजय चौधरी, विजय राठौर, प्रल्हाद इंगले, अजय राठौर, मनोज लक्कडवाला, अमोल राठौर और साथी उपस्थित थे।
