धौलपुर जिला राजस्थान में नहीं लगा देव छठ मेला, तीर्थराज मचकुंड से बेरंग लौटे श्रद्धालु, भारी पुलिस बल तैनात | New India Times

यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

धौलपुर जिला राजस्थान में नहीं लगा देव छठ मेला, तीर्थराज मचकुंड से बेरंग लौटे श्रद्धालु, भारी पुलिस बल तैनात | New India Times

तीर्थों के भांजे के रूप में प्रसिद्ध तीर्थराज मचकुंड धौलपुर पर ऋषि पंचमी से लगने वाले दो दिवसीय देव छठ मेले पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी। ऐतिहासिक तीर्थराज मचकुंड पर लगने वाले लक्खी मेले में श्रद्धालुओं की लाखों की तादाद में भीड़ उमड़ती है लेकिन राज्य सरकार के आदेशों की पालना में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। कुछ श्रद्धालुओं ने तीर्थराज मचकुंड पर पहुंचने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस और प्रशासन ने समझाइश देकर उन्हें वापस लौटा दिया।

कोरोना गाइडलाइन की पालना में इस वर्ष भी ऋषि पंचमी से लगने वाला देव छठ मेला नहीं लग सका। सुबह से ही पुलिस और प्रशासन की टीम मंदिर परिसर पर तैनात की गई थी। प्रशासन की रोक के बावजूद भी कुछ महिला एवं पुरुष श्रद्धालु तीर्थराज मचकुंड पर स्नान और पूजा अर्चना करने पहुंचे थे लेकिन पुलिस और प्रशासन ने समझाकर उन्हें वापस लौटा दिया। मंदिर परिसर को पूरी तरह से खाली करा दिया है। मंदिर पर जाने वाले सभी रास्तों को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया है, साथ में भारी तादाद में पुलिस के जवान तैनात किए हैं।

जिले का सबसे बड़ा दो दिवसीय लक्खी मेला देव छठ

धौलपुर जिले में ऋषि पंचमी से तीर्थराज मचकुंड पर लगने वाला 2 दिवसीय देव छठ का मेला सबसे बड़ा माना जाता है। उत्तर प्रदेश मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा एवं दिल्ली तक के श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं।

पौराणिक मान्यता के मुताबिक भगवान श्री कृष्ण को रणछोड़ नाम इसी स्थान से मिला था। कालिया वन नाम के राक्षस का वध इसी स्थान पर किया था। पौराणिक मान्यता के अनुसार नवविवाहित वर वधु की कलंगी एवं मोहरी का विसर्जन तीर्थराज मचकुंड के सरोवर में किया जाता है। जिससे दांपत्य जीवन में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं द्वारा ब्राह्मण भोज करा कर दान पुण्य किया जाता है। पुण्य लाभ करने से भगवान मचकुंड सभी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी करते हैं।

श्रद्धालुओं में छाई निराशा

देव छठ मेले पर रोक लगने के बाद श्रद्धालुओं में भारी निराशा देखी गई। अधिकांश श्रद्धालु पूजा की सामग्री लेकर मंदिर पर पहुंचे थे। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को देख प्रशासन का रुख सख्त हो गया है। पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बिना पूजा-अर्चना किए वापस लौटा दिया। जिससे श्रद्धालुओं में भारी निराशा देखी गई।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version