अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

अखिल भारतीय प्रगतिशील लघुकथा मंच के नए अध्यक्ष वरिष्ठ लघुकथाकार व समीक्षक श्री मधुदीप होंगे, इस आशय की जानकारी देते हुए मंच के महासचिव डॉo ध्रुव कुमार ने आज रविवार को बताया कि, दिल्ली निवासी मधुदीप 1976 से ही लघुकथा लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनके 5 लघुकथा संग्रह के अतिरिक्त, 5 उपन्यास, एक बाल उपन्यास, दो कहानी संग्रह भी प्रकाशित हैं. लघुकथा समालोचना के क्षेत्र में मील का पत्थर बन चुके “पड़ाव और पड़ताल” श्रृंखला के 31 खंडों का संपादन- प्रकाशन भी किया है.
डॉ ध्रुव ने बताया कि साढ़े तीन दशक से लघुकथा आंदोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाली संस्था लघुकथा मंच की स्थापना वर्ष 1987 में डॉ० सतीश राज पुष्करणा ने कृष्णानंद कृष्ण, नरेंद्र कुमार नवीन, डॉ मिथिलेश कुमारी मिश्र और निशांतर के सहयोग से की थी. गत जून माह में डॉ० पुष्करणा के निधन के पश्चात दो माह से रिक्त पड़े अध्यक्ष पद पर कार्यकारिणी व संरक्षक मंडल के वरिष्ठ सदस्यों से विमर्श के उपरांत मधुदीप अध्यक्ष बनाए गए हैं.
मधुदीप के अध्यक्ष चुने जाने का कल्पना भट्ट (भोपाल), योगराज प्रभाकर (पंजाब), सुनीता पाटिल (चेन्नई), मिथिलेश अवस्थी (नागपुर), मधुकांत व अलघा (नई दिल्ली), राम मूरत राही (इंदौर), चंद्रेश कुमार छितलानी (उदयपुर), दिव्या राकेश शर्मा (हरियाणा), शंभू पी सिंह, प्रो. अनीता राकेश, वीरेंद्र भारद्वाज, चितरंजन भारती, नृपेंद्र नाथ गुप्त, पुष्पा जमुआर, प्रभात धवन, संजू शरण, विभा रानी श्रीवास्तव, पूनम आनंद और अनिल रश्मि सहित देश भर के अन्य शीर्ष लघुकथाकारों ने प्रसन्नता व्यक्त की है.

लेकिन वे स्वयं प्रगतिशील नहीं हैं। दक्षिणपंथी व्यक्ति का प्रगतिशीलता से कोई नाता नहीं होता। चयन समिति इतनी बड़ी त्रुटि कैसे कर लेती हैं?