नरेंद्र इंगले, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जामनेर शहर की एकमात्र मुस्लिम शिक्षा संस्था अंजूमन हाईस्कूल में लंबे अरसे से चल रहे वर्चस्व के विवाद ने 15 अगस्त के दिन फिर से कानून के पन्ने में अपनी पुख्ता जगह बना ली है. इस वर्चस्व की लड़ाई के बीच आतंक का शिकार बने संस्था के चेयरमैन नूर मोहम्मद पटेल और उनके बेटे शोएब ने 17 अगस्त को जामनेर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई . शोएब द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि 15 अगस्त के दिन झंडारोहण के बाद स्कूल में संचालक मंडल की जनरल मीटिंग हुई फिर हम लोग अपने घर जाने के लिए स्कूल से निकले और अपनी गाड़ियों के पास आए तभी स्कूल के प्रांगण में मौजूद 30 से 40 लोगों की भीड़ ने हमारी गाड़ियों को रोककर अचानक हम पर हमला कर दिया. मेरे गले से सोने की चैन और जेब से 7 हजार रुपया लूट लिया गया. इस पूरे मामले में अनीस शेख, रिजवान अब्दुल लतीफ, जावेद शेख, युनुस शेख, सैयद इमरान, निहाल शेख, मुजफ्फर आसिफ महमूद शेख, अबु लाला शेख, अजीम शेख मजीद, सूफियाना खान शेख अनीस, जाकिर खान नबा खान समेत अन्य कुल 20 लोग शामिल हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
विदित हो कि 15 अगस्त के दिन जब हमारे संवाददाता किसी काम से सरकारी अस्पताल में थे तब उक्त मामले से जुड़ा दूसरा यानी जिनके खिलाफ शोएब ने मामला दर्ज किया गया है वह पक्ष मेडिकल मेमो के साथ डॉक्टरी परामर्श ले रहा था. विवाद के बाद हमने संस्था के अध्यक्ष नूर मोहम्मद पटेल से अपना पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा था कि संस्था में हमारा बहुमत है बावजूद इसके न जाने क्यों बाहरी तत्व संस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. इकाई का कामकाज कानून के अनुसार चल रहा है, जनरल मीटिंग में रिक्त संचालकों की नियुक्तियों को लेकर चर्चा की गई. अगर संस्था को लेकर किसी की कोई गलत धारणाए है तो उसका समाधान न्यायपालिका करेगी हम उसके लिए तैयार हैं.
