मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
पुलिस व अन्न एवं औषधि प्रशासन की लापरवाही के चलते पूरे महाराष्ट्र में खुलेआम प्रतिबंधित गुटखा बिक रहा है। लोगों का आरोप है कि पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से यह कारोबार फल फूल रहा है।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिला में चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में इसके एक दर्जन से अधिक गोदाम हैं।आरोप है कि उन पर वसूली करने वाली पुलिस ही मेहरबान है। जिले में कारंजा व अमरावती से गुटखा आपूर्ति की जा रही है। मिलीभगत के चलते गुटखा की तस्करी करने वाला कारंजा व अमरावती से निकला वाहन कहीं भी रोका नहीं जाता है। पुलिस सुरक्षा के चलते वणी से उमरखेड तस्करी में कोई बाधा नहीं आती हैं। शनि मंदिर चौक, लोखंडी पुलिया, गांधी चौक, गुजरी मार्ग आदि स्थानों पर गुटखा गोदामों पर पाबंदी लगी है।. कारंजा से आने वाला गुटखा दारव्हा, आर्णी, अकोला बाजार, घाटंजी आदि अलग-अलग क्षेत्र के 15 पुलिस थानों के क्षेत्र में पहुंचाया जाता हैं। आर्णी में भी गुटखा के दो प्रमुख माफिया सक्रिय हैं। अमरावती से आया गुटखा अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है। सूत्रों के अनुसार कारंजा व अमरावती के माफियों ने जिले के कुछ गांव निश्चित कर लिए हैं। इसी तरह वणी में भी दो प्रमुख माफिया हैं। अमरावती के गुटखा माफिया को पुलिस गांव का आदमी मानती है जिससे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होता है।
