अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। अभी तक कोई भी सटीक निदान इसका नहीं निकल पाया है। बाढ़ के कारण प्रत्येक वर्ष करोड़ों का नुकसान होता है, जान-माल की क्षति होती है।
सरकार तो कहती है कि, बाढ़ से निपटने की तैयारी हो रही है लेकिन हकीकत कुछ और ही दिखाई पड़ता है।
बताया तो जा रहा है कि बाढ़ में अच्छे-अच्छे बन जाते हैं तो बहुत लोग बह जाते हैं। इशारा साफ तौर पर समझा जा सकता है कि लोगों का कहना है कि अधिकारी बाढ़ की मोटी कमाई को अपने जेब में डालते हैं जबकि शो कुछ और ही करते हैं। प्रत्येक साल बाढ़ बिहार में आता है और सरकार तैयारी करती है और कहती है कि सरकार बाढ़ से निपटने के लिए तैयार हैं पर हकीकत कुछ और ही बयां होता है। अब तक सटीक उपाय बाढ़ का नहीं हो पाया है. कई एन एच टूट गए हैं तो कई घर बह गए हैं। कई घर बेघर हो गए हैं। कई जगह नाव चल रही है तो कई लोग आज भी इससे निपटने के लिए गुहार लगा रहे हैं।
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बाद बिहार के भागलपुर जिला के सबौर प्रखंड के घोषपुर में भागलपुर कहलगांव मुख्य सड़क पथ एनएच 80 पर बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है जिसके कारण लाखों की आबादी प्रभावित होती दिख रही है।

बाढ़ के कारण सड़क का तेजी से कटाव हो रहा है। भागलपुर, कहलगांव और पीरपैंती से और दूसरे राज्य झारखंड से संपर्क टूटने के आसार बढ़ते जा रहे हैं।
स्थानीय लोग जिला प्रशासन से अविलंब राहत कार्य चलाकर सड़क को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।
वहीं जिला प्रशासन ने एतिहात के तौर पर बेरीकटिंग लगाकर एनएच 80 पर बड़ी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है साथ ही एक दिन पूर्व सड़क को बचाने को लेकर पथ निर्माण विभाग के द्वारा एनएच -80 को बचाने को लेकर रेत की कुछ बोरियाँ दी गई थी जो कटाव को रोकने के लिए नाकाफी साबित हो रहा है।
