गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जहां एक शादीशुदा महिला ने बिना तलाक दिए ही दूसरी शादी रचा ली है। महिला कानून बनने के बाद महिला कम पुरुष ज्यादा प्रताडि़त हो रहे हैं। एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है जहां अंबेडकर नगर अकबरपुर निवासी कार्तिकेय मौर्य पुत्र काशीनाथ मौर्य के साथ 20 नवंबर 2017 को नेहा मौर्य पुत्री हरकेश मौर्य ग्राम अमारी पोस्ट अमरहट जनपद मऊ की शादी हिंदू रीति रिवाज के साथ हुई थी। विवाह के बाद से ही युवती अपने सास-ससुर के साथ रहना नहीं पसंद करती थी। पति ने इंकार किया तो पति को छोड़कर अपने मायके वालों से मिलने के बहाने शादी के समय ससुराल से दिए गए सोने चांदी के जेवर अपने साथ लेकर मायके चली गई। जिसके बाद कई बार ससुराल पक्ष से विदाई मांगा गया मगर युवती के परिवार वालों ने विदाई देने से इंकार कर दिया और फोन पर गाली गलौज करने लगे. इसके बाद ससुराल पक्ष ने विदाई का दावा किया जो कि अंबेडकरनगर न्यायालय में विचाराधीन चल ही रहा था कि इसी बीच में युवती ने अदालत की आंखों में धूल झोंक कर बिना तलाक दिए ही दूसरी शादी रचा ली और किसी को भनक तक नहीं लगी। ससुराल पक्ष को जब इसकी जानकारी हुई तो अदालत का दरवाजा खटखटाया.

पीड़ित ने बताया कि 2 वर्षों से कोर्ट में मामला विचाराधीन है बावजूद बिना बताए दूसरी शादी कर ली जो कि कानूनी अपराध है। पीड़ित ने बताया कि नेहा मौर्य सहित चार के खिलाफ अदालत में मुकदमा दर्ज करवाने की अपील की है। पीड़ित ने अपने आवेदन में 4 लोगों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। जिसमें पश्चिम बंगाल जिला पुरुलिया रिंकू प्रसाद पत्नी बालेश्वर प्रसाद, और ग्राम अमारी जिला मऊ ग्राम प्रधान बबलू यादव, नेहा मौर्य पुत्री हरकेश मौर्य, भारतीय पत्नी हरकेश मौर्य के खिलाफ कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया। पीड़ित कोर्ट को बताया कि नेहा मौर्य पत्नी कार्तिकेय ने बताया कि तीन माह ससुराल में रहने के बाद वह वापस मायके चली गई। न्यायालय से कई बार नोटिस भेजी गई, मगर किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया ना तो कोर्ट में किसी तरह का बयान दिया गया। केवल कोर्ट को गुमराह किया गया फिर उसने शादी रचा ली। साथ ही साथ पीड़ित ने बताया कि जब शादी की बात युवती नेहा मौर्या से पूछी गई तो उसने बताया कि हम कोर्ट का इंतजार नहीं कर सकते और हमारे जनपद मऊ के कोर्ट ने मुझे आदेश दे दिया है कि आप शादी कर लो।
