सरवर खान ज़रीवाला, भोपा, NIT;
बैतुल में सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहाँ एक गैंग रेप पीड़िता पुलिस से फरियाद करती रही लेकिन पुलिस ने केस दर्ज न कर उसे भगा दिया और जब वह अस्पताल पहुंची तो डाक्टरों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक 6 लोगों ने एक आदिवासी महिला का अपहरण कर बंदी बना कर 36 घंटो तक उसके साथ जंगल में सामूहिक दुष्कर्म किया और बेहोशी की हालत में उसे जंगल में छोड़कर फरार हो गए। होश में आने पर वह महिला 13 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल चल कर बैतूल पहुंची जहां उसकी न तो महिला डेस्क में फरियाद सुनी गयी और न अजाक थाणे में रिपोर्ट लिखी गयी ।आखिर अस्प्ताल पहुंची महिला को वहाँ भी भर्ती नहीं किया गया। जब मीडिया के लोग वहाँ पहुँचे तो बडी मुश्किल से वहाँ भर्ती किया गया। यह दास्तान उस आदिवासी महिला की है जिसका आमला से 14 तारीख की रात उसके ही घर से परिजनों के सामने अपहरण किया गया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। महिला और उसके परिजनों के मुताबिक आमला के एक पार्षद और उसके साथियों से उनका जमीनी विवाद है। इसी बीच पार्षदरऔर उसके साथियों ने महिला के साथ छेड़छाड़ की जिसकी रिपोर्ट आमला थाने में गयी थी। यह रिपोर्ट वापस लेने के लिए यह नेता महिला और उसके परिजनों पर दबाव बना रहे थे। महिला का आरोप है की जब समझौते के लिए उन्होंने इंकार कर दिया तो पार्षद और उसके साथी 14 तारीख की रात उनके घर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर जवान बहु को उठा लेएगए जिसकी सूचना तुरंत ही 100 नंबर डायल को की गयी। इस सुचना के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।परिजन महिला को ढूंढते रहे। आज सुबह यह महिला बैतूल स्टेशन पर बदहवास हालत में मिली। महिला का आरोप है की चौकी के जंगल में उसके साथ छ लोगो ने दुष्कर्म किया उसके साथ मारपीट की गयी।
