जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मप्र ), NIT; 
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जिले के ग्राम बड़ झिरी से दो दिव्यांग जोड़ा पहुंचा। जनसुनवाई में यह मामला हैरान कर देने वाला सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 30-04 -2012 में परिणय सूत्र में बंधे थे जिसके चलते 5 वर्ष बाद भी दिव्यांगों को 2 लाख रुपए देयक होते हैं जो कि अभी तक नही मिल पाया है। कहीं ना कहीं हरदा जिले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। लापरवाही के चलते सिर्फ और सिर्फ शासन की योजनाओं का पलीता लगाया जा रहा है। और पलीता भी लगाया तो ऐसे दिव्यांग पति पत्नी को जिन्हें अपनी आंखों से ठीक से दिख नहीं पाता।
मामला जनसुनवाई में पहुंचा तो दिव्यांग के पिता ने आवेदन दिया जिसमें झोनु पिता विसराम ग्राम बड़झिरी तहसील रहटगांव का यह मामला पिता ने बताया कि मैंने अपने लड़के जयराम जो कि आंखों से देख नही सकता उसका विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत ललिता पिता रामलाल ग्राम बुराली के साथ किया था। लड़का लड़की दोनों आंखों से देख नही सकते हैं। इन दोनों का विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना पटालदा तहसील सिराली जनपत पंचायत खिरकिया में हुआ था, जिसमें 16 जोड़े शामिल हुए थे। इन सभी जोड़ो को 1- 1लाख रुपए प्रदान किये जाने थे एवं दहेज़ भी देना था। इन में से 15 जोड़ों को पैसे एवं दहेज प्राप्त हो चुका है लेकिन इस विकलांग जोड़े कोजआज तक कन्यादान राशि एवं दहेज प्राप्त नही हुआ। मेरे पुत्र व पुत्रबधू को दहेज़ एवं मुख्यमंत्री कन्यादान राशि दिलाने की बात कही ताकि वह अपना जीवन आसानी से बिता सकें। दिव्यांग जब जनसुनवाई पहुंचे तो मौजूद अधिकारी ए डी एम बाबूलाल कोचले का रवैया बड़ा ही हैरान कर देने वाला सामने आया। उन्होंने दिव्यांगों से ये तक पूछ लिया कि इतनी दिन से कहां थे? दिव्यांग ने कहा जब हमें पता चला जबसे हम चक्कर लगा रहे हैं।
