रहीम शेरानी हिदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के मेघनगर रेलवे स्टेशन पर यात्री गाड़ियों से
राजस्थान के कोटा, भवानीमंडी, रामगंज मंडी, सवाईमाधोपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर तथा गुजरात के राजकोट, वलसाड, वापी, अहमदाबाद, कच्छ, भुज, हिम्मतनगर, अंकलेश्वर आदि महानगरों से बड़ी संख्या में मजदूर यात्री ट्रेनों से मेघनगर के रेलवे प्लेटफार्म पर उतर रहे हैं। यहाँ उतरने वाले इन मजदूर परिवार में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
बाहर से परेशानी उठा कर आने वाले इन मजदूरों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. मेघनगर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद इन्हें अपने गंतव्य तक जाने के लिए किसी प्रकार के साधन उपलब्ध नहीं होने से ये लोग पैदल ही अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं।
चिलचिलाती धूप तथा भूख और प्यास से इनके हाल बेहाल हो चुके हैं। इस स्थिति के बावजूद यहां से पलायन करने वाले मजदूरों की संख्या भी कम नहीं हुई है। मध्यप्रदेश में लॉक डाउन लगने के पहले से ही यहां से मजदूर वर्ग का पलायन का सिलसिला शुरू हो चुका था जो लगातार जारी है. पहले यहां से जाने वाले मजदूरों में बड़वानी, अलीराजपुर और धार जिले के लोग भी होते थे। वर्तमान में पलायन केवल झाबुआ जिले के मजदूरों तक सीमित रह गया है क्योंकि झाबुआ जिले के अलावा अन्य स्थानों से मेघनगर आने जाने के लिए बस या अन्य कोई साधन सुलभता से उपलब्ध नहीं है।
