अशफाक कायमखानी, जयपुर, NIT;
देश भर के 130 किसान संगठनों ने, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति का गठन किया है। जिसमें प्रत्येक संगठन से एक प्रतिनिधि होगा। इसके अलावा रोजमर्रा के फैसले लेने के लिए एक वर्किंग ग्रुप बनाया गया है। जिसके संयोजक राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन से वी एम सिंह होंगे। इस ग्रुप में 8 बार के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह व महासचिव अखिल भारतीय किसान सभा, सांसद राजू शेट्टी, तमिलनाडु के अय्याकन्नू, कर्नाटक के चंद्रशेखर, मध्यप्रदेश के डा. सुनीलम, राजस्थान के रामपाल जाट, कविता कुलकर्णी, पंजाब के डा दर्शनपाल, व स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव शामिल होंगे। इसके साथ प्रदेश स्तर पर भी समन्वय समितियों का गठन किया जाएगा। 6 जुलाई से 2 अक्टूबर तक मंदसौर ( मध्यप्रदेश) से चंपारण ( बिहार) तक किसान जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके मुख्य मुद्दे सभी फसलों, सब्जियों व दूध के लिए डॉ स्वामीनाथन आयोग ( राष्ट्रीय किसान आयोग) की शिफारिशों के अनुसार लागत का डेढ़ गुणा भाव तैय कर खरीद की गारंटी सुनिश्चित करने तथा सभी किसानों के सभी कर्जा माफ करना होंगे। अन्य मांग कृषि लागत कम करने, पशुओं के व्यापार पर प्रतिबंध खत्म करने, भूमि अधिग्रहण कानून को संसद से विधिवत वापस लेने, 60 वर्ष की उम्र के बाद 5000 रुपये पैंशन देने, मनरेगा की फंड कटौती बहाल करने तथा राज्यों की अपनी स्थानीय मांगें होंगी।
मोदी सरकार द्वारा देश के संसाधनों को देशी-विदेशी पूंजीपतियों के हाथ लुटाने से बचाने व देश के किसानों को शोषणकारी नीतियों से बचाने के लिए इस अभियान को “करो या मरो” के नारे के साथ चलाया जाएगा। अभियान समाप्ति के बाद, आंदोलन का मुल्यांकन कर आगामी रणनीति पर विचार कर फैसला होगा। अतः समिति आह्वान करती है कि देश का हर किसान – मजदूर तन-मन-धन से इस अभियान में जुट कर सफल बनाएं।
डॉ बलबीर सिंह ठाकन कार्यालय सचिव किसान सभा हरियाणा।
