हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से उन वकीलों को आर्थिक सहायता दी जाएगी जिनकी कोविड कर्फ्यू की वजह से आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। 24 अप्रैल से आर्थिक सहायता के फार्म बांटे जाएंगे। फार्म आने के बाद आर्थिक सहायता की राशि तय की जाएगी। वर्तमान में बार के खाते में 22 लाख रुपये जमा हैं।
कोरोना कर्फ्यू की वजह से न्यायलय बंद हो गए हैं। सिर्फ जरूरी कार्य वीडियो कांफ्रेंस से किए जा रहे हैं। इससे हर वकील के पास काम नहीं है। इससे रोज की आमदनी बंद हो गई है। हाल ही में बार अध्यक्ष व अतिरिक्त महाधविक्ता एमपीएस रघुवंशी ने अपनी ओर से राशन देना शुरू कर दिया है। इसके बाद जब वकीलाें के माध्यम से पता चला कि काेर्ट बंद हाेने से कई वकीलाें की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है ताे बार अध्यक्ष ने इस संबंध में मदद काे लेकर रणनीति तैयार की है। इस स्थिति को देखते हुए बार की ओर से आर्थिक सहायता दिए जाने का फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं में बार के खाते में पैसे जमा करने की शर्त लगाए जाने से फंड इकट्ठा हो गया है। वर्तमान बार एसाेसिएशन के बैंक खाते में 22 लाख रुपये जमा हैं। इससे वकीलों को आर्थिक सहायता के रूप में बांटा जाना है। आर्थिक सहायता पात्र व्यक्ति काे मिले इसलिए आवेदन मांगे जाएंगे और आवेदन आने के बाद तय किया जाएगा कि कितनी आर्थिक सहायता दी जाए। गाैरतलब है कि बीते साल भी लॉकडाउन के दाैरान वकीलाें काे खासी परेशानी झेलना पड़ी थी। हालांकि इस बार बार एसाेसिएशन की तरफ से वकीलाें की मदद की व्यवस्था किए जाने के कारण बड़ी राहत मिली है।
