17 दिन में 1.70 लाख की लूट का खुलासा, परिचित निकला मास्टरमाइंड | New India Times

अशफाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, सीकर (राजस्थान), NIT:

17 दिन में 1.70 लाख की लूट का खुलासा, परिचित निकला मास्टरमाइंड | New India Times

राजस्थान के सीकर शहर में सिल्वर जुबली रोड पर 22 फरवरी की रात को लैब संचालक के साथ हुई 1 लाख 70 हजार रुपये की लूट का पुलिस ने 17 दिन में खुलासा कर दिया है। घटना का मास्टर माइंड वार्ड 37 निवासी मोहम्मद इसफाक निकला जो लैब पर सैंपल के सिलसिले में जाया करता था। उसने ही अपने साथियों के साथम मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उसके सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी से पिस्टल व दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

एएसपी देवेन्द्र शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सीकर के वार्ड 37 के मोहल्ला खंडेलचियान निवासी मोहम्मद इसफाक (26) पुत्र मोहम्मद हाफिज बहलीम सैंपल के सिलसिले में श्रद्धा लैब पर आया जाया करता था। उसे लैब संचालक विजय कुमार की गतिविधियों की जानकारी थी। 22 फरवरी को जब लैब बंद कर विजय कुमार घर जा रहा था उसी समय उसने अपने साथियों के साथ लूट को अंजाम दिया। पुलिस ने जांच के बाद इसफाक व वारदात में शामिल फतेहपुर के बारी निवासी दिनेश जाखड़ पुत्र प्रहलाद जाखड़ (20), नाथावतपुरा निवासी जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतू बन्ना (20 )पुत्र किशोर सिंह, लक्ष्मणगढ़ के शिवराना का बास निवासी अनिल शिवराम पुत्र नेमीचंद, फागलवा निवासी सीताराम पचार (27) पुत्र नेमीचंद पचार तथा फतेहपुर निवासी विकास कुमार गोदारा (22) पुत्र भंवरलाल गोदारा को गिरफ्तार कर लिया है।

लूट के आरोपी से मिली बंदूक व कारतूस
एसपी शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से विकास फतेहपुर में लूट के मामले में वांछित चल रहा था। उसके पास से एक पिस्टल व दो कारतूस भी मिले हैं। विकास को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया गया गया है।

ये था मामला
22 फरवरी को सिल्वर जुबली रोड पर मित्तल अस्पताल के पास स्थित श्रद्धा इमेजिंग एंड रिसर्च सेंटर के संचालक विजयप्रकाश दुकान को बंद कर घर जा रहा था। अन्य कर्र्मचारी पहले ही चले गए थे। उनके हाथ में बैग था। जिसमें करीब 1.70 लाख रुपए रखे हुए थे। जैसे ही वह सीढिय़्ाों के पास पहुंचे तो तीन युवक बाइक पर आए और झपट्टा मार कर युवकों ने बैग छीन लिया। इसके बाद तुरंत तीनों बाइक पर तेजी से हो गए। शोर सुनकर गली में खड़े युवकों ने लुटेरों को पकडऩे की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जिसमेंं सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर व लूट के चालानशुदा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 17 दिन में वारदात का खुलासा कर दिया।

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