सुन्हैड़ा गांव की स्वच्छता बनी कई राज्यों में चर्चा का विषय, समाजसेवी चन्द्रपाल सिंह के प्रयासों से गांव को मिली एक अलग पहचान, रेलवे स्टेशन से लेकर श्मशान घाट तक हर स्थान को बनाया दर्शनीय स्थल | New India Times

विवेक जैन, बागपत (यूपी), NIT:

सुन्हैड़ा गांव की स्वच्छता बनी कई राज्यों में चर्चा का विषय, समाजसेवी चन्द्रपाल सिंह के प्रयासों से गांव को मिली एक अलग पहचान, रेलवे स्टेशन से लेकर श्मशान घाट तक हर स्थान को बनाया दर्शनीय स्थल | New India Times

बागपत जनपद का सुन्हैड़ा गांव जनपद को स्वच्छता के क्षेत्र में एक अलग पहचान दे रहा है। यह गांव ना सिर्फ बागपत बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल में सफाई के लिये चर्चा का विषय बना हुआ है। दिल्ली से लेकर उत्तरांचल तक चलने वाली ट्रेनों के मुसाफिर जब इस गांव के स्टेशन से होकर गुजरते है तो यहाॅं के सुन्दर रंग-रोगन, फूलवाडियों और स्वच्छता व सुन्दरता की तारीफ किये बिना नहीं रहते।

सुन्हैड़ा गांव की स्वच्छता बनी कई राज्यों में चर्चा का विषय, समाजसेवी चन्द्रपाल सिंह के प्रयासों से गांव को मिली एक अलग पहचान, रेलवे स्टेशन से लेकर श्मशान घाट तक हर स्थान को बनाया दर्शनीय स्थल | New India Times

गांव के लोग इस स्वच्छता और सुन्दरता का श्रेय जाने-माने समाजसेवी चन्द्रपाल सिंह को देते है। बताते है कि इन्होने गांव के विभिन्न स्थानों को अपने प्रयासों से स्वच्छ और दर्शनीय बनाने में अहम भूमिका निभायी है। रेलवे स्टेशन पर अपने खर्चे से पीने के पानी के नलों की व्यवस्था, चारदीवारी की मरम्मत से लेकर टूटी बैंचो की मरम्मत तक का कार्य इन्होंने अपने स्वयं के पैसे से किया है। गांव के बच्चों को प्रेरित कर और श्रमदान करके बच्चों के खेलने के लिये बहुत सुन्दर क्रीड़ास्थल उपलब्ध कराया हैं। बताया कि इन्होने गांव के श्मशान घाट में भी तन-मन और धन से सहयोग करके इतना सुन्दर बना दिया है कि चहूॅं और उसकी तारीफ हो रही है। इन्होंने हर जगह बहुत सुन्दर स्लोगन लिखवाये है। इसके अलावा स्कूल, ईदगाह, अस्पतालों में भी इनके द्वारा स्वच्छ पर्यावरण के लिये कार्य किये गये है और लोगों को भी स्वच्छता के लिये इनके माध्यम से प्रेरित किया जा रहा है। यह इतने मिलनसार है कि हर जाति-धर्म का व्यक्ति इनके अच्छे कार्यो की प्रशंसा करता है। प्रसिद्ध प्रोपर्टी कारोबारी देवेन्द्र कुमार शर्मा और गंगा शरण कौशिक ने बताया कि इन्होंने अब तक स्वच्छता अभियान में पौधा रोपण, रंग-रोगन , टूट-फूट, मरम्मत आदि पर गांव के हित में अपनी जेब से लाखों रूपये खर्च किये है और अपने पिता जाने-स्वतंत्रता सेनानी चौधरी किशन लाल के नक्शे कदमों पर चल रहे है। गांव के लोग इनका बहुत सम्मान करते है।

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