मेहलका इकबाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, बुरहानपुर के उपसंचालक श्री एम.एस.देवके ने किसानों को आवश्यक सलाह दी है कि बादलयुक्त मौसम की संभावना को देखते हुए चने की फसल में इल्लियों के प्रकोप के बढ़ने की संभावना है। नियंत्रण के लिए आवश्यक जानकारी जिसमें-
शस्य या यांत्रिक नियंत्रण
उपसंचालक श्री देवके ने बताया कि खेत में पक्षियों को बैठने के लिये ’’टी’’ आकार की लकड़ी की खुटीयां कम से कम एक हेक्टर में 40-50 स्थान पर लगाएं। फेरोमेन ट्रेप एक हेक्टर में 5-10 का लगाये।
जैविक नियंत्रण
चने के खेत में एक वर्गमीटर में पांच या अधिक इल्लियां दिखाई देेने एक किलो प्रति हेक्टर के हिसाब से बैसिलस थ्रूजेंनसिस (बी.टी.) का छिडकाव करें।
रासायनिक नियंत्रण

उपसंचालक श्री देवके ने सलाह दी है कि, फल्ली छेदक (पोड बोरर) अथवा तम्बाकू की इल्ली, केटरपिलर पौधे के विभिन्न भाग, जैसे पत्तियां, शाखायें, फल्लियाँ एवं दानों को खाती है, इसकी रोकथाम हेतु 200-400 एम.एल. साइपर मैथरीन 25 ई.सी. या इण्डोसाकार्ब 14.5 एस.जी. 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें अथवा इमामेक्टिन बेंजोएट का 10 ग्राम प्रति पंप के हिसाब से छिडकाव करें।
