संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने केएमजे चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर संतोषीलाल राठौर, उनकी पत्नी कंचन राजावत का गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। ये ट्रायल के दौरान उपस्थित नहीं हो रहे थे जिसके चलते ट्रायल प्रभावित थी।
संतोषीलाल राठौर ने अपनी चिटफंड कंपनी में लोगों को पैसा डबल करने का लालच देकर पैसे निवेश कराए थे। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो लौटाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वर्ष 2011 में विश्वविद्यालय थाने में केस दर्ज किया गया। केस दर्ज होने के बाद संतोषीलाल राठौर फरार हो गया। पुलिस के हत्थे मुश्किल से चढ़ा। पुलिस ने जांच के बाद 2014 में संतोषी लाल राठौर, उनकी पत्नी कंचन राजावत सहित छह लोगों के खिलाफ चालान पेश किया था। 2014 में सभी पर आरोप तय किए गए थे। संतोषीलाल राठौर व उनकी पत्नी जमानत पर रिहा हो गई थीं। इस मामले में गवाही चल रही थी। कोविड-19 की वजह से न्यायालय में 8 महीने से ट्रायल बंद थी, लेकिन हाईकोर्ट ने सीमित केसों में ट्रायल के आदेश दिए हैं। पांच साल पुराने केसों में ट्रायल शुरू हो गई है। संतोषीलाल राठौर व कंचन राजावत कोर्ट में उपस्थित नहीं हो रही थे जिसके चलते कोर्ट ने दोनों का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। ज्ञात हो कि संतोषीलाल राठौर के खिलाफ अलग-अलग जिलों में 6 केस दर्ज हैं। भोपाल, गुना, भिंड व मुरैना के थानों में चिटफंट के कारोबार के आरोप में केस दर्ज हैं। लोक अभियोजक विजय शर्मा का कहना है कि ट्रालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस वजह से संतोषीलाल व कंचन राजावत को गिरफ्तारी वारंट पर तलब किया है।
