सोण्डवा जयस एवं किसानों ने नया कृषि विधेयक के विरोध में एवं स्थानीय किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन | New India Times

रहीम शेरानी, आलीराजपुर (मप्र), NIT:

सोण्डवा जयस एवं किसानों ने नया कृषि विधेयक के विरोध में एवं स्थानीय किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन | New India Times

देशभर में किसानों द्वारा किए जा रहे नया कृषि विधेयक के विरोध में आन्दोलन को लेकर देश भर के किसान एक जूट हो रहे हैं। जिसके समर्थन में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) एवं सोंडवा क्षेत्र के किसान और युवा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय बिजली की समस्या तथा कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उत्पन्न होने वाली किसानों और आम जनों की समस्याओं को अवगत कराते हुए अपना आक्रोश जाहिर कर कलेक्टर के नाम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सोण्डवा को ज्ञापन सौंपा गया।

जयस तहसील अध्यक्ष दिनेश चौहान ने बताया की सरकार किसानों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, इस काला कानून का विरोध करते हैं और आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में देश के किसानों के साथ युवा भी आंदोलन के लिए तैयार हैं और एक ज्ञापन हमारे अलीराजपुर जिले में किसान भाई बंधुओं को रात में लाइट दिए जाने के संबंध में कलेक्टर महोदय के नाम तहसील कार्यालय सोंडवा में अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

मांग की गई की बिजली किसान भाई को दिन में नहीं दी जा रही है रात को बिजली दी जारी हैं जिसका भी कोई निश्चित समय तय नहीं है, रात के समय में खेत में पानी सिंचाई करने पर जंगली जानवरों के हमले, सांप काटने एवं दिन भर काम के बाद थकान के कारण किसान सिंचाई नहीं कर पाता है, जैसी अनेक समस्या रहती हैं, रात के समय को परिवर्तित कर दिन में ही पर्याप्त फूल वोल्टेज में बिजली प्रदान करने की मांग की गई है। इस संबंध में क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है।
ज्ञापन का वाचन करते हुए संदीप वास्कले ने बताया कि केंद्र सरकार निजीकरण और जमाखोरी को बढ़ावा देने व एमएसपी को खत्म करने वाले नये कृषि कानूनों के जरिए देश के किसानों को परेशान कर रही है तो वहीं क्षेत्र के किसान स्थानीय प्रशासन के कुकर्म के कारण कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
वहीं सोंडवा जयस महासचिव गोविंद डावर ने कहा कि यदि इस प्रकार सरकार हमारे खिलाफ काला कानून लाया जावेगा तो हम सड़कों पर उतर आएंगे। हम देश की सच्चाई के प्रति लड़ाई लड़ेंगे। किसी को भड़काने जैसा उद्देश्य नहीं है। हम संवैधानिक दायरे में रहकर हमारे हक और अधिकार की मांग करते हैं।
जयस के संरक्षक गोविंद सोलंकी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की इन समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो जयस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर सोंडवा जयस के उपाध्यक्ष अतुल तोमर, दयाराम जमरा, गोविंद सोलंकी, भायसिंह अजनार, बबलू जमर, उमेश तोमर, इंदरसिंह तोमर, अरविंद तोमर, मीडिया प्रभारी विजय कनेश, किशोर सोलिया आदि जयस कार्यकर्ता व किसान उपस्थित थे।

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