राजस्व को रोज पचासों हजार का चूना लग रही हैं डग्गामार बसें, लाखों रूपये का सामान भी बिना टैक्स अदा किये अवैध रूप से ला रहे हैं दिल्ली से | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (मप्र), NIT:

राजस्व को रोज पचासों हजार का चूना लग रही हैं डग्गामार बसें, लाखों रूपये का सामान भी बिना टैक्स अदा किये अवैध रूप से ला रहे हैं दिल्ली से | New India Times

पूरे जनपद के प्रमुख नगरो एवं कस्बो से दिल्ली तक लगभग दर्जनों डग्गामार बसे चल रही हैं जिनको पुलिस, प्रशासन एवं परिवाहन विभाग तीनों ही अनदेखा किये हुए हैं जिससे राजस्व को रोज पचासों हजार रुपये का चूना लग रहा है। इन डग्गामार बसों से यात्री कर का चूना तो लग ही रहा है साथ ही इन बसों से पचासों लाख रुपयों का सामान बिना टैक्स अदा किये अवैध रूप से दिल्ली से लाया जा रहा है।
मोहम्मदी, अमीर नगर सहित कई स्थानो से प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक डग्गामार बसे दिल्ली जाती हैं और इतनी ही दिल्ली से मोहम्मदी व अमीर नगर के लिये वापस आती हैं साथ ही लगभग इतनी ही बसें मोहम्मदी होकर गोला, अलीगंज एवं सिकन्दराबाद को आती जाती हैं। ये बसें किसके संरक्षण में चल रही हैं यह रहस्य बना हुआ है। इन बसों से प्रतिदिन बीसियों लाख रूपये का कपड़ा, इलेक्ट्रिक सामान, मोटर पार्टस, ड्राईफूड, गरम मसाले सहित विभिन्न प्रकार का सामान दिल्ली से टैक्स चोरी कर अवैध तरीके से आता है। जिससे सरकार को यात्री कर सहित सामान पर लाखों रुपयों के कर की चोरी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो बिना वैध परमिट एवं रोड टैक्स दिये संचालित इन बसों में कईयों का बीमा तक नहीं है जिससे दुर्घटना होने पर यात्री कोई क्षतिपूर्ति का दावा भी नहीं कर सकता। यह डग्गामार बसे नगर के पुवायां रोड, मोहम्मदी सरायं तिराहे से तथा कोतवाली की नाक के नीचे रोडवेज के सामने पेट्रोल पम्प के पास खड़े होकर सवारिया भरी जाती है।
इन डग्गामार अवैध रूप से संचालित बसों को कौन चलवा रहा है जिसके भय के कारण परिवाहन, प्रशासन एवं पुलिस विभाग तीनो ही आंखे मूंदे हैं। जहां ये रोज की बात है वही आयकर व बिक्रीकर विभाग भी आंखे मूंदे है। ये डग्गामार बसे सीधे शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, नोयडा होकर न जाकर शहरी इलाकों से होकर जाती है। सूत्रो की माने तो शुरू से अन्त तक पड़ने वाले सारी कोतवाली, थाने एवं पुलिस चौकी सभी सेट है। जिनको निर्धारित तिथि पर तय सुविधा शुल्क राशि का पैकेट पहुंच जाता है। जिस कारण पुलिस शिकायते होने पर अखबारो में समाचार छपने के उपरान्त भी कार्यवाही नहीं करते। इन बसो से अंग्रेजी शराब की तस्करी, व्यापारिक किराना व कपड़े की तस्करी कर पचासो लाख का माल कर चोरी कर तो आता ही है साथ ही इन डग्गामार बसो के स्टाफ जो शराब के नशे में होते है ये यात्रियो के साथ विशेष रूप से महिलाओ के साथ काफी अभ्रद व्यवहार करते है बीच रास्ते में उतार देने तक की धमकिया ही नहीं अश्लीलता तक यात्रियो के साथ की जाती है। इन सबसे शासन, प्रशासन, पुलिस सहित सारे जिम्मेदार बेखबर हैं वजह का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

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