पवन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

मतदान सामग्री प्राप्त करने एवं जमा करने के लिये इस बार लम्बी-लम्बी कतारें नहीं लगेंगीं। मतदान दल को वहीं पर मतदान सामग्री प्रदान की जायेगी, जहाँ उसके बैठने का स्थान निर्धारित है। इसलिए मतदान सामग्री प्राप्त करने के लिए मतदान कर्मियों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं रहेगी। काउण्टर पर पीठासीन अधिकारी केवल ईवीएम व वीवीपैट लेने जायेंगे। इसी तरह मतदान सामग्री जमा करने के लिए पहली बार टोकन व्यवस्था की गई है। मतदान सामग्री वितरण व वापसी का काम कुल 94 काउण्टर के माध्यम से होगा।
इस आशय की जानकारी विधानसभा उप चुनाव के लिये मतदान सामग्री वितरण एवं प्राप्ति के लिए तैनात किए गए अमले को प्रशिक्षण के दौरान दी गई। मतदान सामग्री वितरण एवं प्राप्ति दलों को यह प्रशिक्षण बुधवार को एमएलबी कॉलेज परिसर में विधानसभा क्षेत्रवार दिया गया। कुल 10 प्रतिशत रिजर्व अधिकारी- कर्मचारियों सहित लगभग 890 शासकीय सेवकों ने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में गैर हाजिर रहे 28 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इन सभी अधिकारी- कर्मचारियों को आगाह किया गया है कि यदि उन्होंने 29 अक्टूबर तक अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई तो उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई कर दी जायेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं मतदान सामग्री वितरण व प्राप्ति प्रभारी श्री शिवम वर्मा ने कहा कि सामग्री वितरण एवं प्राप्ति के लिये तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी स्वयं कोविड गाइडलाइन का पालन करें और मतदान दलों से भी कराएँ। उन्होंने कहा कोविड संक्रमण को ध्यान में रखकर इस बार टोकन व्यवस्था लागू की गई है। चुनाव सामग्री वितरण व वापसी से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी पूरी संजीदगी व मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर इस काम को अंजाम दें।
