मोहम्मद तारिक, भोपाल, NIT;
पिछले 5-6 माह में शुगर 250 और ब्लड प्रेशर 110 से 190 आज या कल तक मेरी यह लीला समाप्त हो जाए या गंभीर रोग से त्रस्त हो जाऊं तो ? तो वह बिके हुए पत्रकार जो असत्य जानकारियों का प्रकाशन कराते, अशिक्षित-अयोग्य नगर निगम भोपाल अधिकारी, मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन, छूट भइया नेता, आरटीआई एक्टिविस्ट !
मेरी संस्था पीस इंडिया के माध्यम से दिए गए बहुत से आवेदन नगर निगम भोपाल, पुलिस प्रशासन, जिला कलेक्टर को ! जिसमें अवैधानिक कार्यों पर वैधानिक कार्यवाही चाहने हेतु निवेदन किया गया ! तो दूसरी ओर वैधानिक न्यायिक निर्णय से प्राप्त आदेशों पर बिना देखे समझे कोई कार्यवाही न करने की मांग को अनदेखा कर कार्यवाही की जा रही है !
पीस इंडिया मध्यप्रदेश ने पीड़ित शिकायत कर्ता के आवेदन पर 9 मार्च 2017 को अनुविभागीय अधिकारी व्रत गोविंदपुरा, आयुक्त नगर निगम भोपाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर बताया कि 21जून 2016 से पीड़ित शिकायतकर्ता ने थाना निशातपुरा को लिखित आवेदन देकर निवेदन किया कि पीड़ित शिकायतकर्ता के द्वारा शिव नगर स्थित कॉलोनी में 2007 में 8 भूखंड क्रय किए गए और उन्ही भूखंडों के स्वामी विश्वमित्र शर्मा के पुत्र हर्ष शर्मा द्वारा 2016 में उन्हीं प्लाट/ भूखंडों को किसी अन्य लोगों को बेचने बेचा गया है तथा अज्ञात लोग बराबर धमकियां दे रहे हैं प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं पुलिस कोई सहयोग नहीं कर रही है ना ही अभी तक कोई fir दर्ज हुई है ! इस संबंध में पीड़ित शिकायतकर्ता द्वारा जिला न्यायलय में भी आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जिस पर जिला न्यायलय ने थाना निशातपुरा से प्रतिवेदन मांगा जो अभी दो-तीन माह से प्रतिवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया गया ! सत्य प्रतिलिपि प्रस्तुत करने के बावजूद भी थाना प्रभारी द्वारा FIR दर्ज न करना, पुलिस आला अधिकारियों को लिखित में की गई शिकायत पर अधिकारियों द्वारा कार्यवाही न करना, राजस्व विभाग में लीपापोती जारी !
दूसरा मामला आपका स्वतंत्र लेखक अर्थात मेरा मा. उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा आदेशित वर्ष 1965 में जिला न्यायालय द्वारा विक्रय पंजीयन पत्र के माध्यम से मकान मालिक को 3500 स्क्वायर यार्ड अर्थात 31500 स्क्वायर फीट भूमि पर कब्जा दिलाने बाबत जिला न्यायालय द्वारा डिग्री के इजरा प्रकरण में वर्ष 2005 में वर्तमान वार्ड 42 जिंसी रोड स्थित मकान नंबर 12 पुलिस बल के साथ दखल 3500 स्क्वायर यार्ड अर्थात 31500 स्क्वायर फीट भूमिका पर कब्जा दिलाने बाबत हुए सीमांकन और दिलाया गया कब्जा भूमि 19176 स्क्वायर फीट अर्थात उच्च न्यायालय के आदेश परि पालन में शेष भूमि 12324 स्क्वायर फीट दूसरों कब्जा में वर्ष 2005 में जिला न्यायालय से प्राप्त भूमि नक्शा में कब्जा दिलाई गई भूमि 19176 स्क्वायर फिट के भूमि नक्शा में वह भूमि भी शामिल है जिस पर पूर्व में पूर्व कब्जाधारी के समय में नगर निगम वार्ड प्रतिनिधि को बैठने उठने जनसंपर्क शिकायत सुनने अखबार पढ़ने हेतु जिसे नगर निगम भोपाल वाचनालय मान रहा है तो यह न्यायालय की अवमानना है !
“खरीदी हुई शोहरत-ओहदे ज्यादा दिन नहीं चलते !” सांसद-विधायक अध्यक्ष सब अधिकारियों के सामने फेल अब मैं थक हार नहीं बैठूंगा जब तक न्यायालय की अवमानना के आरोप में अधिकारीयों को पहुंचा न दूं जेल!
“अब तो वैचारिक द्वंद है” !
मो. तारिक (स्वतंत्र लेखक)
