पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (मप्र), NIT:

लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार शाम से बारिश का सिलसिला जारी हुआ जो रातभर बरसने के बाद शनिवार सुबह 11बजे तक जोरदार बारिश होती रही जिससे नगर के तालाब लबालब हो गए और सड़कों पर पानी बह निकला और निचली बस्तियों में पानी मकानों के अंदर घुस गया जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर पालिका व जिला प्रशासन ने आम लोगों की कोई सुध नहीं ली।
पूरे प्रदेश के साथ-साथ सम्पूर्ण जिले में भी कल रात से शुरू हुई बारिश का दौर समाचार लिखे जाने तक निरन्तर जारी है। रातभर से रिमझिम और मूसलाधार बारिश लगातार हो रही है।
जिले में रात से शुरू हुई बारिश के बाद अब तक बदनावर तहसील में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई। लंबे इंतजार के बाद आई बारिश ने नदी तालाबों और कुओं को भर दिया है। इससे आने वाली गर्मी में पानी का संकट कम होगा, वही जोरदार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। भारी बारिश से बदनावर में एक महिला की मौत की खबर है।
धार शहर में भी तेज बारिश के बाद निचली कॉलोनियों व बस्तियों में पानी भर गया। जानकी नगर, तिरूपति नगर, मायापुरी, त्रिमूर्ती नगर, राम नगर, सहित अनेको जगह घरो में पानी घुसने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया हैं। देवी जी तालाब लबालब होने के कारण पानी सड़क से बहता हुआ निचली बस्ती के मकानों में घुस गया है जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और रहवासियों का आरोप है कि नगर पालिका व प्रशासन को फोन लगाते रहे किंतु मौके पर कोई नहीं पहुंचा। वहीं कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात का जायजा लेने के लिए नगर का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में वाहनों का आवागमन रोका जाए।
आदर्श सड़क बनी तालाब
कुछ वर्ष पूर्व प्रचार-प्रसार के साथ इंदौर नाके से लेकर घोड़ा चौपाटी तक आदर्श सडक़ का निर्माण करवाया गया था। प्रत्येक बारिश में आदर्श सड़क तालाब का रूप ले लेती है। कल रात से हो रही अनवरत बारिश के चलते हैप्पी विला के सामने वाले भाग में आदर्श सड़क लबालब हो गई और पानी डिवाइडर के ऊपर से निकल रहा था। सड़क मार्ग पर वाहनों में पानी भर जाने से वाहन चालक परेशान होते रहे। फलस्वरूप ट्रैफिक को रोकना पड़ा। हर वर्ष की तरह बाद में जेसीबी बुलाकर रोड के डिवाइर को तोड़कर पानी को निकाला गया। आदर्श सड़क निर्माण के समय भी पानी की निकासी की तरफ ध्यान आकर्षित किया गया था। फिर भी आदर्श सड़क तालाब का रूप ले लेती हैं।
देवी सागर तालाब हुआ ओवरफ्लो
छोटा आश्रम के पास देवी सागर तालाब लगातार बारिश से ओवरफ्लो हो गया और पानी सड़क के ऊपर से बहते हुए निचली बस्तियों की ओर चला गया जिससे निचली बस्तियों के मकानों में पानी भर गया।
जिला अस्पताल में बारिश से हुए बेहाल
जिला अस्पताल के सभी वार्डो में छत से पानी टपकता रहा जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज बेहाल होकर परेशान होते रहे और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भी रातभर पानी टपकता रहा औऱ छत की पपड़ी गिरने से नवजात शिशुओं की जानमाल को खतरा बढ़ गया है। किंतु कोई जनहानि नहीं हुई है और नवजात शिशुओं को अन्य वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।
वहीं शम्भूपाड़ा में बाइक सवार माता पिता 2 साल का बच्चा लेकर बहते पानी में रपट पर पानी बहने के दौरान पानी में बह गए। पति पत्नी तैरकर किनारे पहुंचे किंतु 2 साल का बच्चा पानी में बह गया। तैराक टीम बुलाई गई तबसे बच्चे को ढूढ़ने का काम जारी है।
घाटाबिल्लोद में भी चंबल नदी पूरे उफान पर है और वहां पर पुल के पास बना हुआ भगवान भोलेनाथ का मंदिर पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।
