अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
मध्य प्रदेश के देवास शहर से फर्जी कॉल सेंटर संचालन कर लोन दिलाने के नाम पर लड़कियों द्वारा फोन से भोले भाले लोगों को अपने झांसे में लेकर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को सायबर क्राइम भोपाल ने गिरिफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
मिली जानकारी के अनुसार बीते 3/04/2017 को शौलत अली 21 वर्ष पुत्र शौकत अली निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी करोंद भोपाल ने सायबर क्राइम में एक शिकायती आवेदन दे कर बताया था की एक अज्ञात महिला ने लोन दिलाने के नाम पर फोन के जरिया अपने झांसे में लेकर 35000 हज़ार रूपये तीन अकाउंट में डलवा लिये लेकिन उसके बाद उक्त महिला ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। सायबर क्राइम ब्रांच भोपाल के थाना अध्यक्ष रविकांत डिहरे ने बताया कि अकाउंट के आधार पर जब छान बीन की गयी तो देवास का पता चला जिसके बाद एक टीम को भेज कर देवास के तिलक नगर और बजरंग नगर में फर्जी तरीके से चला रहे कॉल सेंटर से एक गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ कर जब उनसे पूछ ताछ की गयी तो उन लोगों ने अपना नाम सतीश शर्मा पुत्र राम गोपाल शर्मा सारन पूर जिला राज गढ़, विकास लोधी पुत्र स्त्तय सिंह देवास, रमा कांत जोशी पुत्र सुरेश जोशी जिला शाजापुर ,राज कुमार पटेल पुत्र रामेश्वर पटेल देवास ,संजय पटेल पुत्र विक्रम सिंह देवास बताया है। वहीं कॉल सेंटर का मुख्य संचालक सतीश शर्मा मौके से भागने में कामियाब हो गया।
पूछ ताछ के दौरान पकडे गये आरोपियों ने बताया की फर्जी सिम कार्ड के द्वारा लोगों को महिलाओं द्वारा झांसे में लेकर अकाउंट में पैसे डलवाया जाता था। थाना अध्यक्ष रवि कांत डिहरे ने आगे बताया की काल सेंटर में आठ लड़कियां भी काम करती हैं लेकिन छापे मारी के मौके पर वह लोग वहां मौजूद नहीं थीं। उन्हें भी जल्द ही पूछ ताछ के तलब किया जायेगा। पकडे गये आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 468, 66 डी आईपी एक्ट तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
