रहीम शेरानी, अलीराजपुर (मप्र), NIT:

दिनांक 1 मई 2020 को प्रदेश सरकार द्वारा मॉडल मंडी एक्ट प्रदेश में लागू किया गया था, लेकिन लागु होने के बाद से ही यह अधिनियम विवादों में घिरता नज़र आ रहा है।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा लागु किये गए अधिनियमों में परस्पर विरोधाभास होने से प्रदेशभर के किसानों, व्यापारियों व मंडी बोर्ड में कार्यरत अधिकरी-कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है। इसी स्थिति से राज्य शासन को अवगत कराने हेतु गुरुवार 16 जुलाई को जिले की अलीराजपुर व जोबट कृषि उपज मंडी के अधिकरी-कर्मचारियों ने मंडी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन एसडीएम लक्ष्मी गामड़ को सौंपा।
ज्ञापन में केंद्र सरकार के अध्यादेश एवं प्रदेश सरकार द्वारा लागू किये गए मॉडल मंडी एक्ट के प्रावधानों पर बिंदुवार मांगे रख पुनर्विचार करने की अपील की गई। जिले के मंडी कर्मचारीयो द्वारा चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौपा गया जिसमें मॉडल मंडी एक्ट लागु किये जाने के बाद ज़मीनी स्तर पर हो रही व्यवहारिक समस्याओं का उल्लेख किया गया है। साथ ही मंडी बोर्ड के कर्मचारियों ने वर्तमान प्रावधानों को ही लागू किये जाने की मांग रखते हुए मॉडल मंडी एक्ट में भी बदलाव की मांग की है।
इस मौके पर मंडी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला इकाई के संरक्षक रविंद्र वाणी, दिनेशचंद्र गुप्ता, जिला अध्यक्ष बी.एस. डावर, उपाध्यक्ष राजू परमार, श्रीमती कुसुम जैन सचिव अनिल भूरिया, सह सचिव एल.आर. महाजन कोषाध्यक्ष जे.के. वाणी मीडिया प्रभारी राजेंद्र शर्मा, सुरंग कनेश सहित समस्त अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
