हैंडपंप खुद हैं प्यासे, कैसे बुझाए प्यासे ग्रामीणों की प्यास, जमींदोज व खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंपों की नहीं है जिम्मेदारों को कोई फिक्र | New India Times

फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

हैंडपंप खुद हैं प्यासे, कैसे बुझाए प्यासे ग्रामीणों की प्यास, जमींदोज व खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंपों की नहीं है जिम्मेदारों को कोई फिक्र | New India Times

उत्तरप्रदेश के जनपद बहराइच के थाना फखरपुर में पेयजल के गंभीर संकट को लेकर जहां त्राहि-त्राहि मची है वहीं प्रशासन इस समस्या से अनजान बना हुआ है। क्षेत्र में सैकड़ों इंडिया मार्का हैंडपंप वर्षों से खराब हैं तो दर्जनों हैंडपंप जमींदोज हो गए हैं। पूरा मामला विकासखंड फखरपुर के अंतर्गत ग्राम माधोपुर का है जहां कई वर्षों से दर्जनों हैंडपंप जमींदोज हो गए हैं तो कई हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि गर्मी में जब लोग पानी की तलाश में इन हैंडपंपों के पास पहुंचेगे तो ये प्यास कैसे बुझाएंगे। वहीं अन्य जगहों पर खड़े हैंडपंप सफेद हाथी बन गए हैं, जिन्हें सुधारने के लिए ग्राम प्रधान की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। वहीं घरेलू हैंडपंपों का गंदला पानी पीने को लोग मजबूर हैं। लगातार तीन बार जीत की (हैट्रिक) लगाने वाले ओम प्रकाश यादव माधोपुर प्रधान को अपने ही ग्रामवासियों की समस्याओं की चिंता नहीं है। पेयजल ना मिलने से ग्रामवासी परेशान हैं। इस संबंध में जल निगम के उच्च अधिकारियों का कहना है की गांवों में हैंडपंपों की मेंटीनेंस का काम जल निगम का नहीं है उसका कार्य ग्राम पंचायत की ओर से ही किया जाता है अगर हैंडपंप खराब हैं तो उनको ग्राम पंचायत ही सही कराएगी, उसके खाते में ही इसकी धनराशि आती है, प्रधान द्वारा ही उनको सुधरवाने की कार्रवाई कराई जाएगी। अब देखना यह है इंडिया मार्का हैंडपंप पेयजल जनता की प्यास बुझाएगा या खुद जमींदोज हो जाएगा।

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