रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

पूरे देश में लॉक डाउन के चलते मुस्लिम समाज का सबसे बड़ा ईद उल फितर का त्योहार (मीठी ईद) इस बार मिठी नहीं रही। लोगों ने लाॅक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा की।
पाक और मुकद्दस माहे रमजान में पूरे रोजे रखने वाले मुसलमानों के लिए ईद खुशी मनाने के लिए खुदा का दिया हुआ तोहफा है लेकीन लाॅक डाउन और कोरोना वायरस माहामारी के चलते इस बार मुस्लिम बस्तियों में भी रोनक नहीं रही। मुस्लिम समाज ने लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए सोमवार को ईद उल फितर का पर्व घर पर रहते हुए अपने रिश्तेदार दोस्त अहबाब को सोशल मीडिया के माध्यम से फेसबुक व्हाट्सएप आदि पर मैसेज, दूरभाष पर ईद उल फितर की सलाम दुआ कर मुबारकबाद दी और कहा कि पूरी कायनात के लिए खुदा से दुआ करें।
लॉक डाउन की वजह से मुस्लिम समाज ने दुखी मन से ईद उल फितर की नमाज अपने अपने घरों पर ही अदा की। नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने अल्लाह से अपने मुल्क के लिए कोरोना से निजात दिलाने के लिए हिफाजत की दुआएं कीं।
